30/08/2026
राष्ट्रीय संग्रहालय, संस्कृति मंत्रालय, भारत सरकार, हिंदी के प्रचार-प्रसार तथा राजभाषा के वार्षिक कार्यक्रम के लक्ष्यों की प्राप्ति की ओर निरंतर प्रयासरत है। श्रीमती शिल्पा रतूड़ी, कार्यालय प्रधान, राष्ट्रीय संग्रहालय की अध्यक्षता में सम्मेलन कक्ष में दिनांक 21 अगस्त, 2026 को “वर्तमान परिदृश्य में राजभाषा कार्यान्वयन “ विषय पर एक राजभाषा कार्यशाला का आयोजन किया गया जिसमें डॉ. प्रज्ञा कांडपाल, हिंदी अधिकारी, भारतीय अन्तर्देशीय जलमार्ग प्राधिकरण, ने सारगर्भित एवं उपयोगी विचार प्रस्तुत किया तथा सरकारी कामकाज में राजभाषा कार्यान्वयन की आवश्यकता पर प्रकाश डाला। उन्होनें राजभाषा अधिनियम 1963 की धारा 3 (3) के अंतर्गत आने वाले 14 दस्तावेजों के बारे में भी विस्तार से बताया।
उन्होंने हिंदी एवं भारतीय संस्कृति के बारे में भी बताया। उन्होंने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों को राजभाषा हिंदी में कार्य करने हेतु प्रेरित किया। श्री राजेश कुमार, सहायक निदेशक (राजभाषा), राष्ट्रीय संग्रहालय ने कार्यशाला का संचालन किया। इस कार्यशाला में राष्ट्रीय संग्रहालय के अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने बढ़-चढ़ कर भाग लिया और अंत में श्री राजेश कुमार ने धन्यवाद ज्ञापन देते हुए कहा कि यदि हम हिंदी में निरंतर अभ्यास करें तो हिंदी में कार्य करना मुश्किल नही है क्योंकि किसी भी चीज के प्रयास और अभ्यास से ही सफलता मिलती है। हिंदी में कार्य करना हमारा नैतिक और संवैधानिक दायित्व है।