Vikas Lalit Kala Akademi - Regd., Nyay-Marg,srinagar, Siwan

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Vikas Lalit Kala Akademi - Regd., Nyay-Marg,srinagar, Siwan Drawing and Painting Academy, Affiliated -“ Suro Bharati Sangeet Kala Kendra,Hugali,( West Bengal)

Dedicated for the Development and growth of Art a Non-government Educational Academy, Estb. in 2001, "Vikas Lalit Kala Akademi", Nyay-Marg, Srinagar, Siwan (BIHAR), now-a-days is developing rapidly to its peak. Managing committee of the Academy "Vikas Educational Cultural and Social Development Society is registered by "Society Registration Act 21, 1860 [Government of India]".Academy is Affiliated to:-Suro Bharati Sangeet Kala Kendra ,Hugali (West.Bengal.). In this Academy classes for different faculty of Fine-Arts , Art and Craft (Online /Ofline) are being managed by learned teachers such as "Beginners Diploma ", "Shree " (Diploma) ", "Visharad" (Graduate level Diploma)", " Acharya Ratna" (Master level Diploma",) "Chunamani "(Ph.D). level Diploma )etc...

The Student of this Academy are famous artists in nation and foreign countries too. Fees and Management of the Academy are very economical and may be tolerable for poor classes also. Principal of the Academy is a great artist along with Homeopathy Physician. He is a real artist by birth and Post Graduate(MFA) by "Prachin Kala Kendra", (Chandigarh), (Hugali ) and Churamani (Ph.D level ) by "Suro Bharati Sangeet Kala Kendra, (Hugali ). Beside this, he has done academic qualification of Interior Decoration courses (CCID) by Academy of Interior Decoration (Delhi) & Computer Education. He is now continuing his duty for Arts and Society for 22 years. We seek your love n affection towards the Academy - Dr. Vikash Kumar (Principal) , District President (Art Cell),Siwan, " Manavadi Janta Party" (MJP), Ex. Drawing Teacher, Siwan Jail, & Asst.Prof.(Fine Art) Baikunth B.Ed.College,Siwan.Mob. +91-9570757829, 7563939396

सत्र 2026-27 हेतु विभिन्न कोर्स जैसे *पेंटिंग *आर्ट एंड क्राफ्ट *योगसन आदि मे नामांकन जारी।
23/09/2026

सत्र 2026-27 हेतु विभिन्न कोर्स जैसे *पेंटिंग *आर्ट एंड क्राफ्ट *योगसन आदि मे नामांकन जारी।

कला अकादमी मे सत्र 2026-27 हेतु  *पेंटिंग *आर्ट एंड क्राफ्ट *योगासन  आदि मे नामांकन जारी.. स्थान सीमित।
17/09/2026

कला अकादमी मे सत्र 2026-27 हेतु *पेंटिंग *आर्ट एंड क्राफ्ट *योगासन आदि मे नामांकन जारी.. स्थान सीमित।

 # **कला: मनुष्य होने की सबसे सुंदर पहचान** # # # *“जिस समाज की कला जीवित रहती है, उसकी संवेदना भी जीवित रहती है।”*मनुष्...
12/09/2026

# **कला: मनुष्य होने की सबसे सुंदर पहचान**

# # # *“जिस समाज की कला जीवित रहती है, उसकी संवेदना भी जीवित रहती है।”*

मनुष्य ने जब पहली बार किसी गुफा की दीवार पर अपनी कल्पना की एक रेखा खींची होगी, शायद उसी क्षण कला ने जन्म लिया होगा। वह रेखा केवल रेखा नहीं थी—वह मनुष्य के भीतर जागी **सृजन की पहली धड़कन** थी।

आज सदियाँ बीत गईं, दुनिया बदल गई, तकनीक ने असंभव को संभव कर दिया; लेकिन मनुष्य के भीतर कला की आवश्यकता आज भी उतनी ही जीवंत है। क्योंकि मशीनें गणना कर सकती हैं, सूचना दे सकती हैं, गति बढ़ा सकती हैं—लेकिन **भावना को महसूस करना और उसे सृजन में बदलना मनुष्य की विशिष्ट शक्ति है।**

कला हमें केवल सुंदर वस्तुएँ बनाना नहीं सिखाती; **कला हमें सुंदर दृष्टि देती है।**
एक कलाकार किसी दृश्य को केवल देखता नहीं, उसे महसूस करता है। वह रंगों में भाव खोजता है, रेखाओं में कहानी कहता है और साधारण वस्तुओं में भी असाधारण सौंदर्य पहचान लेता है।

इसीलिए कला शिक्षा का महत्व केवल कलाकार तैयार करने तक सीमित नहीं है। यह बच्चों और युवाओं में **एकाग्रता, धैर्य, कल्पनाशक्ति, निरीक्षण-शक्ति, आत्मविश्वास और रचनात्मक सोच** को विकसित करने का माध्यम है। जो बच्चा सृजन करना सीखता है, वह जीवन की चुनौतियों को भी नए दृष्टिकोण से देखना सीखता है।

# # # **कला बेरोजगारी के अंधेरे में भी एक रचनात्मक रास्ता खोल सकती है**

आज कला केवल मंच या प्रदर्शनी तक सीमित नहीं। चित्रकला, डिजाइन, डिजिटल कला, शिक्षण, कार्टून, हस्तकला और अनेक रचनात्मक क्षेत्रों में प्रतिभा के लिए अवसर मौजूद हैं। आवश्यकता है—**सही प्रशिक्षण, निरंतर अभ्यास और उचित मार्गदर्शन की।**

लेकिन कला का सबसे बड़ा योगदान रोजगार से भी आगे है।

कला हमारी **संस्कृति की स्मृति** है।
कला हमारी **परंपराओं की भाषा** है।
कला हमारी **भावनाओं का दर्पण** है।
कला हमारी **कल्पना की उड़ान** है।

जिस समाज में कला के लिए स्थान कम होता जाता है, वहाँ धीरे-धीरे संवेदनशीलता भी कमजोर पड़ सकती है। इसलिए कला को केवल पाठ्यक्रम का एक विषय नहीं, बल्कि **जीवन को समझने और सँवारने की शिक्षा** के रूप में देखना आवश्यक है।

आज आवश्यकता इस बात की है कि हम बच्चों के हाथों से केवल मोबाइल न दें—**कभी तूलिका भी दें।**
उन्हें केवल अंक प्राप्त करना न सिखाएँ—**कुछ नया रचना भी सिखाएँ।**
उन्हें केवल सफलता की दौड़ में न धकेलें—**सौंदर्य को महसूस करना भी सिखाएँ।**

क्योंकि संभव है, किसी बच्चे की बनाई हुई वह छोटी-सी तस्वीर उसके भीतर छिपी एक बड़ी प्रतिभा की पहली घोषणा हो।

# # # **कला को बचाना, केवल कला को बचाना नहीं है—**

**यह संवेदना को बचाना है।
यह संस्कृति को बचाना है।
यह कल्पना को बचाना है।
यह आने वाली पीढ़ियों को सृजनशील बनाना है।**

आइए, कला को जीवन के हाशिये पर नहीं, **जीवन के केंद्र में स्थान दें।**

**क्योंकि रंग फीके पड़ सकते हैं, चित्र पुराने हो सकते हैं—
लेकिन सच्ची कला से जन्मी संवेदना पीढ़ियों तक जीवित रहती है।**

# # **“कला से संवारे जीवन”**

**प्रेषक:**
**डॉ. /प्रो. विकाश कुमार (प्राचार्य)**
**विकास ललित कला अकादमी (रजि.)**
न्याय मार्ग, श्रीनगर, सिवान (बिहार)
**संबद्ध: सुरों भारती संगीत कला केन्द्र, हुंगली (पश्चिम बंगाल)**
**संपर्क: 7563939396**🌸🌸💗🙏

07/09/2026

******(सूचना) *****
सभी छात्र/ छात्राओ को सूचित करना है, की पुनः नामांकन, नामांकन और फॉर्म भरने का लास्ट डेट 13-09-2026 तक ही है, साथ सभी से आग्रह है, अकादमी से संपर्क कर अपना अपना फॉर्म भर ले - प्राचार्य,

 # साहित्य, संगीत और कला से दूर लोगों की संगति—कहीं आप भी अपनी संवेदनशीलता तो नहीं खो रहे?मनुष्य केवल रोटी, पैसा, मकान औ...
24/08/2026

# साहित्य, संगीत और कला से दूर लोगों की संगति—कहीं आप भी अपनी संवेदनशीलता तो नहीं खो रहे?

मनुष्य केवल रोटी, पैसा, मकान और सुविधाओं से महान नहीं बनता। उसके भीतर **संवेदना, कल्पना, करुणा, सौंदर्यबोध और संस्कार** भी होने चाहिए। साहित्य हमें सोचने की शक्ति देता है, संगीत मन को मधुर बनाता है और कला हमारे भीतर छिपी भावनाओं को अभिव्यक्ति देती है।

इसलिए यदि हमारी मित्रता और संगति केवल उन लोगों तक सीमित हो जाए जिन्हें **न किताबों से लगाव है, न संगीत से, न चित्रकला से, न किसी रचनात्मक कार्य से**, तो जीवन धीरे-धीरे केवल स्वार्थ, दिखावे और निरर्थक चर्चाओं में उलझ सकता है।

यह कहना उचित नहीं कि हर व्यक्ति को कलाकार ही होना चाहिए, लेकिन **हर संवेदनशील व्यक्ति के जीवन में कला के लिए कुछ स्थान अवश्य होना चाहिए।** क्योंकि कला से जुड़ा व्यक्ति जीवन को केवल देखता नहीं, बल्कि उसे महसूस करना भी सीखता है।

🎨 **चित्रकला कल्पना जगाती है।**
🎵 **संगीत मन को शांत और संवेदनशील बनाता है।**
📚 **साहित्य विचारों को गहराई देता है।**
🖌️ **कला व्यक्तित्व में आत्मविश्वास और रचनात्मकता भरती है।**
🙏 *योग तन मन को शांत करता है, शरीर को स्वास्थ्य प्रदान करता है।*
आज आवश्यकता है कि हम बच्चों और युवाओं को केवल परीक्षा और नौकरी के लिए ही नहीं, बल्कि **एक बेहतर, संवेदनशील और रचनात्मक इंसान बनने के लिए भी तैयार करें।**

अपने मित्रों से कहिए—

**आइए, कुछ समय कला के लिए निकालें।**
एक चित्र बनाइए, कोई गीत सीखिए, कविता पढ़िए, रंगों से खेलिए और अपने भीतर छिपी प्रतिभा को पहचानिए।

कौन जाने, जिस कला को आज आप केवल शौक समझ रहे हैं, वही कल आपकी **पहचान, आत्मविश्वास और सफलता का माध्यम** बन जाए!

# # 🌟 आइए, साहित्य पढ़ें, संगीत सुनें और कला सीखें—

# # # क्योंकि कला केवल विषय नहीं, जीवन को सुंदर बनाने की शक्ति है।

**प्रेषक:**

# # # विकास ललित कला अकादमी (रजि.)

न्याय मार्ग, श्रीनगर, सिवान (बिहार)

**संबद्ध:**
सुरो भारती संगीत कला केंद्र, हुगली (पश्चिम बंगाल)

**विषय:** पेंटिंग • आर्ट एंड क्राफ्ट • योगासन • संगीत • रेसिटेशन

**ऑनलाइन एवं ऑफलाइन प्रशिक्षण उपलब्ध**

**डॉ./प्रो. विकाश कुमार**
**(प्राचार्य)**

📱 **मोबाइल नं.: 7563939396**

# # # **“कला सीखिए, प्रतिभा जगाइए और अपने व्यक्तित्व को नई पहचान दीजिए।”**

 # 🎨 बच्चे की आड़ी-तिरछी लकीरों को न करें नज़रअंदाज़—शायद यही उसके हुनर की पहली पहचान है!क्या आपका बच्चा बचपन से ही कॉपी...
10/08/2026

# 🎨 बच्चे की आड़ी-तिरछी लकीरों को न करें नज़रअंदाज़—शायद यही उसके हुनर की पहली पहचान है!

क्या आपका बच्चा बचपन से ही कॉपी, कागज़ या स्लेट पर **आड़ी-तिरछी लकीरें खींचकर कुछ बनाने की कोशिश करता है?**
क्या उसे रंगों से खेलना, चित्र बनाना और नई-नई आकृतियाँ बनाना बेहद पसंद है?

तो इसे केवल बच्चों की शरारत समझकर **नज़रअंदाज़ न करें।**
कई बार यही छोटी-सी रुचि आगे चलकर उसकी **चित्रकला प्रतिभा और रचनात्मक भविष्य की मजबूत नींव** बन सकती है।

🌈 **प्रतिभा को पहचानिए, उसे सही दिशा दीजिए!**

यदि आपके बच्चे में चित्र बनाने और रंगों के प्रति स्वाभाविक आकर्षण है, तो उसे व्यवस्थित प्रशिक्षण देकर उसकी प्रतिभा को निखारा जा सकता है। हमारे यहाँ बच्चों एवं इच्छुक विद्यार्थियों के लिए **ऑनलाइन एवं ऑफलाइन दोनों माध्यमों से सैद्धांतिक एवं व्यवहारिक शिक्षा** प्रदान की जाती है।

# # # 🎓 रविवार की छुट्टी को बनाइए हुनर का दिन!

बच्चों की पढ़ाई के साथ उनकी रचनात्मक प्रतिभा को विकसित करने के लिए **रविवार** का सदुपयोग किया जा सकता है। नियमित अभ्यास और मार्गदर्शन के माध्यम से विद्यार्थी **बिगनर्स डिप्लोमा से लेकर चूड़ामणि (पी.एच.डी. समकक्ष)** तक की चित्रकला शिक्षा प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकते हैं।

🖌️ **चित्रकला सीखें • हुनर निखारें • भविष्य सँवारें**

प्रशिक्षण के बाद विद्यार्थी अपनी रुचि और योग्यता के अनुसार **चित्रकार, चित्रकला शिक्षक, कार्टूनिस्ट, आर्टिस्ट** आदि क्षेत्रों में आगे बढ़ने के अवसर तलाश सकते हैं।

✨ **आज बच्चे के हाथ में जो पेंसिल है, वही कल उसकी पहचान का माध्यम बन सकती है।**
उसकी प्रतिभा को रोकिए नहीं—**सही मार्गदर्शन देकर उसे उड़ान दीजिए।**

📢 **नामांकन हेतु संपर्क करें। सीमित सीटों में प्रवेश—आज ही अपने बच्चे की प्रतिभा को सही दिशा देने का संकल्प लें!**

# # # प्रेषक:

**विकास ललित कला अकादमी (Regd.)**
न्याय मार्ग, श्रीनगर, सिवान (बिहार)
**संबद्ध: सुरों भारती संगीत कला केंद्र, हुगली (पश्चिम बंगाल)**

**डॉ. विकाश कुमार**
**प्राचार्य**

📞 **नामांकन एवं जानकारी हेतु संपर्क करें।**

हमारे कला संस्था मे, सत्र :2026-27 हेतु निम्न कोर्स मे नामांकन जारी... स्थान सीमित है,कलाप्रेमी मित्रगण मिले।
29/07/2026

हमारे कला संस्था मे, सत्र :2026-27 हेतु निम्न कोर्स मे नामांकन जारी... स्थान सीमित है,कलाप्रेमी मित्रगण मिले।

Admession is going on ( Session :2026-27), 🙏🌸🌸
23/07/2026

Admession is going on ( Session :2026-27), 🙏🌸🌸

 # बच्चों की रंगों और रेखाओं में रुचि – एक अनमोल प्रतिभायदि आपका बच्चा या बच्ची बचपन से ही कागज़ पर रेखाएँ खींचने, रंग भ...
25/06/2026

# बच्चों की रंगों और रेखाओं में रुचि – एक अनमोल प्रतिभा

यदि आपका बच्चा या बच्ची बचपन से ही कागज़ पर रेखाएँ खींचने, रंग भरने, चित्र बनाने या किसी भी प्रकार की कलात्मक गतिविधि में विशेष रुचि लेता है, तो इसे केवल खेल समझकर अनदेखा न करें। यह एक दुर्लभ और ईश्वर प्रदत्त गुण है, जो हर बच्चे में नहीं पाया जाता। रंगों और रेखाओं के माध्यम से अपने विचारों को व्यक्त करने की क्षमता भविष्य में उसे एक सफल कलाकार, डिज़ाइनर, शिक्षक या सृजनशील व्यक्तित्व बना सकती है।

कला केवल चित्र बनाने का नाम नहीं है, बल्कि यह सोचने, समझने, कल्पना करने और भावनाओं को अभिव्यक्त करने की एक सुंदर प्रक्रिया है। जिन बच्चों में कला के प्रति स्वाभाविक रुचि होती है, वे अक्सर सामान्य बच्चों की अपेक्षा अधिक कल्पनाशील, संवेदनशील और रचनात्मक होते हैं। इसलिए अभिभावकों का यह कर्तव्य बनता है कि वे अपने बच्चों की इस प्रतिभा को पहचानें और उसे सही दिशा प्रदान करें।

आज के समय में कला शिक्षा का महत्व लगातार बढ़ रहा है। डिजिटल युग में ग्राफिक डिज़ाइन, एनीमेशन, इलस्ट्रेशन, फैशन डिज़ाइन, इंटीरियर डिज़ाइन, फाइन आर्ट, क्राफ्ट, डिजिटल कंटेंट निर्माण तथा कला शिक्षण जैसे अनेक क्षेत्रों में कलाकारों के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध हैं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि कला हर किसी को सहज रूप से नहीं आती, इसलिए इस क्षेत्र में प्रतिभाशाली विद्यार्थियों के लिए प्रतिस्पर्धा अपेक्षाकृत कम और संभावनाएँ अधिक होती हैं।

यदि आपके बच्चे को रंगों और रेखाओं से खेलना अच्छा लगता है, तो उसकी इस रुचि को प्रोत्साहित करें। उसे नियमित अभ्यास, उचित प्रशिक्षण और सकारात्मक वातावरण प्रदान करें। आज दिया गया आपका छोटा सा सहयोग भविष्य में उसके जीवन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकता है।

इसी उद्देश्य से **विकास ललित कला अकादमी, न्याय मार्ग, श्रीनगर, सिवान (बिहार)** में बच्चों, किशोरों एवं युवाओं के लिए ऑनलाइन एवं ऑफलाइन कला शिक्षा की व्यवस्था की गई है। यहाँ विद्यार्थियों की रचनात्मक प्रतिभा को निखारने तथा उन्हें कला के विभिन्न आयामों से परिचित कराने का प्रयास किया जाता है।

अकादमी **सुरो भारती संगीत कला केंद्र, हुगली (पश्चिम बंगाल)** से संबद्ध है तथा **केंद्र कोड : C-19-2228** के अंतर्गत कला शिक्षा एवं परीक्षा संबंधी गतिविधियाँ संचालित की जाती हैं। इस माध्यम से विद्यार्थियों को व्यवस्थित कला प्रशिक्षण एवं प्रमाणन की सुविधा प्राप्त होती है।

आइए, अपने बच्चों के भीतर छिपे कलाकार को पहचानें, उसे प्रोत्साहित करें और उसके सपनों को रंगों से साकार करने में सहयोग दें। क्योंकि आज का एक छोटा कदम कल उसके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव बन सकता है।

**प्रेषक :**
**डॉ./प्रो. विकास कुमार**
प्राचार्य
विकास ललित कला अकादमी
न्याय मार्ग, श्रीनगर, सिवान (बिहार)

**संबद्ध :** सुरो भारती संगीत कला केंद्र, हुगली (पश्चिम बंगाल)
**केंद्र कोड : C-19-2228**
**मोबाइल : 7563939396**
💐💐🙏

21/06/2026

कला की अखिल भारतीय संस्था " विकास ललित कला अकादमी - रजि., न्याय-मार्ग,श्रीनगर, सिवान मे आज दिनाँक 21-06-2026(रविवार) को पेंटिंग, आर्ट एंड क्राफ्ट, योगासन, म्युजिक की व्यवहारिक परीक्षा संपन्न हुई। साथ ही आज वार्षिक " "सम्मान समारोह" भी संपन्न हुई, जीसमे परीक्षा मे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र / छात्राओ मे राज उपाध्याय, कुमार, मयूर, अन्वि, मलिका, मोनालिशा, अभिनंदन को हमारे परीक्षा बोर्ड " सुरों भारती संगीत कला केन्द्र, हुंगली ( पश्चिम बंगाल) के द्वारा प्रदत्त मेडल साथ ही मधुर संगीत की प्रस्तुति देकर हमारे कलाकार अतिथियों के द्वारा सम्मानित किया गया,। कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्था (प्राचार्य )डॉ. प्रो. विकाश कुमार के द्वारा किया गया। कार्यक्रम मे डॉ. योगेंद्र प्रसाद(संस्था सचिव), श्री सुदामा भगत(सिंगर),श्री देवकांत मिश्र (पूर्व लोकसभा प्रत्याशी ), श्री शुम्भू सोनी( सिंगर), डॉ. एफ ए. आजाद, अवधेश उपाध्या,आशुतोष, शुभम, छात्र / छात्राओ मे कुमार मयूर, मोनालिशा, अभिनंदन, आर्यन, अमृत, अमृत राज, अर्श, राज उपाध्याय, अन्वि, मलिका , श्रेया, तुलिका, अपर्णा, अनामिका, आदि की सक्रिय उपस्थिति रही। अंत मे ध्यन्यवाद ज्ञापन संस्था सचिव डॉ. योगेंद्र प्रसाद के द्वारा किया गया।

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