31/07/2020
नमस्कार किसान साथियों आशा करते हैं कि आप सब अच्छे होंगे और आपकी फसलें अच्छी चल रही होंगी।पिछले कुछ दिन से लगातार बारिश नहीं हो रही है ओर फसल भी अपने जोर पर है जिससे कुछ समस्या पैदा हो रही है,अब फसलों में कीटों का दौर भी बहुत शुरू हो गया है जिससे काफी दिक्कत पैदा हो रही है काफी इलाकों में कीटों की संख्या ईटीएल लेवल को पार कर गई है जो आगे जाकर कुछ नुकसान का कारण बन सकता है।पिछली पोस्ट में आप सबको अलग-अलग सपरे की जानकारियां दी गई थी तो फिर भी कुछ किसान भाइयों को उसे कुछ समझने में या डोज समझने में समस्या आ रही है व अन्य हल्की दवाई उसमे नहीं लिखी गई थी तो इसके लिए हमने आज एक नया चार्ट त्यार किया है,जिसमें आपको अलग अलग कीटनाशकों,उनकी डोज व उनके टारगेट कीट भी लिखे गए है,आप इसे समझे व इसके अनुसार ही कीटनाशकों का चुनाव करें। इस चार्ट को किसी कंपनी की मशुरी के लिए नहीं बनाया गया है ओर ना ही किसी कंपनी की बदनामी के लिए नहीं बनाया गया है,ये केवल किसान साथियों के अनुभव के हिसाब से बनाया गया है, इस बात का ध्यान विशेष तौर पर रखें यह मात्राएं या विवरण सरकार,कंपनी व किसान भाइयों के अनुभव के हिसाब से ही लिए गए हैं वह उनकी राय को इसमें सम्मिलित किया गया है,आपको अगर कोई बात समझ नहीं आ रही है तो आप कमेंट में पूछ सकते हैं।
कुछ बातें और ध्यान रखे की हमें कीटनाशक स्प्रे करने से पहले कुछ मुख्य सावधानियां हैं जिनका पालन जरूर करना चाहिए जो आपको सिलसिलेवार बताया का रहा है नंबर 1. स्प्रे तभी करना चाहिए जब खेटे कीटों की संख्या इटीएल को पार कर चुकी है या उसके आस पास है।
नंबर 2. कोई भी किसी भी पोषण के स्प्रे को दवा के साथ ना मिलाए व दो से अधिक कीटनाशकों को भी आपस में मिला कर न स्प्रे किया जाए, ओर पानी की मात्रा डेढ़ सौ लीटर कम से कम ले सही सम्मिलित मात्रा 200 लीटर प्रति एकड़ है यानी आपको जो स्प्रे करना है वह 200 लीटर प्रति एकड़ के हिसाब से ही करना है।
नबर 3. स्प्रे करते वक्त खेत में हल्की फुल्की नमी होनी चाहिए।
नंबर 4. फसलों को पानी लगाते रहें अन्यथा जहां पर फसल में पानी की कमी है वहां पर कीटों का प्रभाव और ज्यादा बढ़ सकता है अगर आप के आस पास सफेद मक्खी का प्रभाव काफी बढ़ चुका है तो आप इसमें यूरिया देना बंद कर दें।
नंबर 5.आप उन्हीं दवाइयां का प्रयोग करें जिसका रिजल्ट आपके इलाके में आ रहा है ऐसी दवाइयों का प्रयोग ना करें जो आप किसी और से सुनकर कर रहे हैं कुछ इलाकों में उलाला का रिजल्ट नहीं है तो कुछ इलाकों में ओशीन का रिजल्ट बहुत हल्का है तो आप अपने आसपास के किसान भाइयों से संपर्क करें उनके अनुभव के हिसाब से ही आप अपना स्प्रे का चुनाव करें।
नंबर 6. स्प्रे करने के बाद कुछ दिन का इंतजार अवश्य करें क्योंकि कुछ दवाइयों का असर 3 से 5 दिन के बाद दिखना शुरू होता है।
नंबर 7. स्प्रे का समय आप सुबह जल्दी या शाम के समय ही करें,दोपहर को स्प्रे करने से बचें।
नंबर 8. अगर आपके खेत में अत्यधिक सफेद मक्खी का अटैक है तो आप diafenthiuron+ pyriproxyfen ke mixture का स्प्रे करे ( slr 525/ poidon etc)ये उस से ही कंट्रोल हो पाएगा ओर अगर पत्ते बिल्कुल काले हो lano 500ml 200 liter pani ) ओर ये पानी लगाकर ही करें।
अगर आपको कोई और जानकारी चाहिए तो आप कमेंट कर सकते हैं, पोस्ट को लाइक व शेयर जरूर करें ताकि अन्य किसान भाइयों को भी यह जानकारी समय से मिल जाए,धन्यवाद