Dileep Nagar Estate , Kushinagar

Dileep Nagar Estate , Kushinagar Contact information, map and directions, contact form, opening hours, services, ratings, photos, videos and announcements from Dileep Nagar Estate , Kushinagar, Dileep Nagar Estate , Dileep Nagar Fort Kasia, Kasia.

 #दिलीपनगर_एस्टेट_परिवार की  #कुलदेवी_माँ_कुलकुला_देवी_धाम, कुड़वा (दिलीपनगर), कुशीनगर के नाम भारत के सर्वोच्च न्यायालय ...
14/07/2026

#दिलीपनगर_एस्टेट_परिवार की #कुलदेवी_माँ_कुलकुला_देवी_धाम, कुड़वा (दिलीपनगर), कुशीनगर के नाम भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय #न्यायमूर्ति_श्री_संजय_करोल जी द्वारा दिनांक 4 जुलाई 2026 को भेजा गया यह श्रद्धापूर्ण पत्र प्राप्त हुआ। यह पत्र दिलीपनगर एस्टेट के #कुँवर_नरेन्द्र_कुमार_सिंह_जी द्वारा प्राप्त किया गया।

इस पत्र में माननीय न्यायमूर्ति ने माँ कुलकुला देवी के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए उनके दिव्य दर्शन का अवसर मिलने पर हृदय से कृतज्ञता प्रकट की है।

महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर जननेता एवं भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री  #बाबू_जगजीवन_राम_जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-श...
06/07/2026

महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर जननेता एवं भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री #बाबू_जगजीवन_राम_जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

सामाजिक न्याय, समरसता तथा वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उनका आजीवन योगदान भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।

दिलीपनगर किला से बाबू जगजीवन राम जी की अनेक ऐतिहासिक स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं। 1970 के दशक में उन्होंने दिलीपनगर का दौरा किया था। उनका #कुँवर_कन्हैया_कुमार_सिंह जी से अत्यंत आत्मीय एवं सौहार्दपूर्ण संबंध था। उनके आगमन पर दिलीपनगर किला में उनका भव्य स्वागत किया गया था, जहाँ दूर-दूर के ग्रामीण भी उनके दर्शन एवं अभिनंदन के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे।

ऐसे महान राष्ट्रनायक की पुण्यतिथि पर दिलीपनगर राजपरिवार भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

 #दिलीपनगर_राजमहल में प्रत्येक वर्ष निकलने वाला  #मोहर्रम_का_जुलूस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब, ...
26/06/2026

#दिलीपनगर_राजमहल में प्रत्येक वर्ष निकलने वाला #मोहर्रम_का_जुलूस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब, सामाजिक समरसता और पारस्परिक सम्मान की सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

#दिलीपनगर_राजपरिवार का इस परंपरा से अत्यंत आत्मीय और ऐतिहासिक संबंध रहा है। वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है कि मोहर्रम के अवसर पर ताज़िए राजमहल परिसर से होकर अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ते हैं। इस अवसर पर राजपरिवार सदैव श्रद्धा एवं सम्मान के साथ जुलूस का स्वागत करता रहा है। यह परंपरा इस बात का प्रमाण है कि दिलीपनगर की विरासत केवल शासन और वैभव तक सीमित नहीं थी, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सभी समुदायों के प्रति समान आदर की भावना भी उसकी पहचान रही है।

#दिलीपनगर_राजमहल ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर रखा है। यह परंपरा आज भी उन ऐतिहासिक मूल्यों की याद दिलाती है, जिनमें विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग परस्पर सम्मान, विश्वास और भाईचारे के साथ एक-दूसरे की परंपराओं का आदर करते थे।

इन चित्रों में मोहर्रम के अवसर पर भव्य ताज़ियों का दिलीपनगर राजमहल के समक्ष से गुजरता हुआ दृश्य उसी ऐतिहासिक विरासत और सांप्रदायिक सौहार्द का सजीव प्रमाण है। यह परंपरा हमें स्मरण कराती है कि वास्तविक विरासत केवल इमारतों में नहीं, बल्कि उन परंपराओं में बसती है जो समाज को जोड़ती हैं और पीढ़ियों तक जीवित रहती हैं।

 #दिलीपनगर_स्टेट के अभिलेखों से प्राप्त यह एक दुर्लभ ऐतिहासिक चित्र है, जिसमें तत्कालीन भारत के  #उपप्रधानमंत्री_बाबू_जग...
12/06/2026

#दिलीपनगर_स्टेट के अभिलेखों से प्राप्त यह एक दुर्लभ ऐतिहासिक चित्र है, जिसमें तत्कालीन भारत के #उपप्रधानमंत्री_बाबू_जगजीवन_राम_जी के #दिलीपनगर_पैलेस आगमन का दृश्य अंकित है।

#बाबू_जगजीवन_राम_जी के दिलीपनगर के #कुँवर_कन्हैया_कुमार_सिंह_जी से अत्यंत घनिष्ठ संबंध थे। उनके एक ऐसे ही आगमन अवसर पर आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में लोग दिलीपनगर पैलेस परिसर में एकत्र होकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन करने पहुँचे।

यह चित्र क्षेत्र की जनता और दिलीपनगर आने वाले प्रतिष्ठित अतिथियों के बीच आत्मीयता, सम्मान और स्नेहपूर्ण संबंधों को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रदर्शित करता है

🌳 प्रकृति संरक्षण का संकल्प, मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक! 🌳विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर अपने निज ग्राम कुड...
05/06/2026

🌳 प्रकृति संरक्षण का संकल्प, मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक! 🌳

विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर अपने निज ग्राम कुड़वा दिलीपनगर स्थित कुलकुला वन में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए #कुँवर_नरेंद्र_कुमार_सिंह_जी एवं उनके परिवारजनों द्वारा पौधारोपण किया गया।

साथ ही, उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री परम आदरणीय श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में संचालित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधे रोपित कर मातृशक्ति के प्रति सम्मान एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन किया गया।

यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प का प्रतीक रहा।

उक्त अवसर पर मा० संसद विजय कुमार दुबे जी, मा० विधायक सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा जी, जिलाधिकारी कुशीनगर, मुख्य विकास अधिकारी कुशीनगर, प्रभागीय वन अधिकारी कुशीनगर, पार्टी पदाधिकारीगण एवं अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 #दिलीपनगर_स्टेट_परिवार की एक दुर्लभ एवं ऐतिहासिक तस्वीर जिसमें परिवार के दो विशिष्ट सदस्यों के युवावस्था के दिनों तथा उ...
24/05/2026

#दिलीपनगर_स्टेट_परिवार की एक दुर्लभ एवं ऐतिहासिक तस्वीर जिसमें परिवार के दो विशिष्ट सदस्यों के युवावस्था के दिनों तथा उनकी अश्वारोहण परंपरा के प्रति विशेष लगाव की झलक दिखाई देती है।

चित्र में बाएँ से दाएँ —
#कुँवर_शैल्य_कुमार_सिंह_जी, #दिलीपनगर_स्टेट के उत्तराधिकारी , तथा उनके चाचा #कर्नल_राय_वरदराज_सेवक_सिंह_जी, #सोधरी_दिलीपनगर_स्टेट।

यह चित्र उस युग की अभिजात्य अश्व संस्कृति और घुड़सवारी परंपरा को दर्शाता है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार के अनेक प्रतिष्ठित जमींदार एवं राजपरिवारों की जीवनशैली का महत्वपूर्ण अंग हुआ करती थी। कुँवर शैल्य कुमार सिंह जी एवं राय वरदराज सेवक सिंह जी दोनों ही घोड़ों, घुड़सवारी तथा बाह्य खेल गतिविधियों के प्रति विशेष रुचि रखते थे।

An old and rare photograph capturing two distinguished members of the Dileepnagar family during their younger days and their passion for equestrian activities.

From left to right:
Kunwar Shailya Kumar Singh ji, heir of the Dileepnagar Estate, and his uncle Rai Varadraj Sewak Singh ji of Sodhari–Dileepnagar.

The photograph reflects the deep aristocratic tradition of horse riding and equestrian culture that was once an essential part of the lifestyle of many prominent estate families of eastern Uttar Pradesh and Bihar. Both Kunwar Shailya Kumar Singh ji and Rai Varadraj Sewak Singh ji were known for their fondness for horses, riding, and outdoor sporting activities.

Their attire and riding sticks in the photograph further indicate their association with equestrian discipline and the sporting culture of the landed nobility of that era. Horse riding was not merely a pastime for such families but also symbolized prestige, training, physical fitness, and the martial traditions preserved within old estate households.

This photograph stands as a valuable glimpse into the heritage, lifestyle, and sporting traditions of the historic Dileepnagar Estate.

20वीं सदी के शुरुआती दशकों में, जब 1912 के सहकारी समिति अधिनियम के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश में सहकारी बैंकिंग का विस्तार...
15/05/2026

20वीं सदी के शुरुआती दशकों में, जब 1912 के सहकारी समिति अधिनियम के तहत पूर्वी उत्तर प्रदेश में सहकारी बैंकिंग का विस्तार होना शुरू हुआ, तब #दिलीप_नगर_बांसगांव_एस्टेट के #दिलीप_नारायण_सिंह जी ने गोरखपुर और कसिया में सहकारी बैंक को समर्थन देने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

ऐतिहासिक अभिलेखों में सहकारी संस्थाओं को मज़बूत बनाने में " दिलीप नारायण सिंह" की बहुमूल्य सहायता और प्रभाव का उल्लेख मिलता है। उन्होंने सहकारी गतिविधियों और विकास कार्यों के लिए कसिया में ज़मीन उपलब्ध कराकर भी सहायता की।

उनके इस समर्थन के पीछे मुख्य उद्देश्यों में से एक था एस्टेट के किसानों, कारीगरों और छोटे व्यापारियों को लालची साहूकारों के शोषण और भारी कर्ज़ से बचाना। ऐसे समय में, जब गरीब किसानों की निष्पक्ष वित्तीय सहायता तक पहुँच बहुत सीमित थी, #दिलीप_नारायण_सिंह जी ने अपने प्रभाव का उपयोग करके सहकारी ऋण समितियों को प्रोत्साहित किया, ताकि आम ग्रामीण लोग शोषण करने वाले निजी ऋणदाताओं पर निर्भर रहने के बजाय संगठित संस्थाओं के माध्यम से ऋण और सहायता प्राप्त कर सकें।

बांसगांव — दिलीपनगर एस्टेट की प्राचीन राजधानीकुशीनगर क्षेत्र के इतिहास में  #बांसगांव का एक विशेष स्थान रहा है। यह गाँव ...
08/05/2026

बांसगांव — दिलीपनगर एस्टेट की प्राचीन राजधानी

कुशीनगर क्षेत्र के इतिहास में #बांसगांव का एक विशेष स्थान रहा है। यह गाँव कभी #दिलीपनगर_एस्टेट की पुरानी राजधानी एवं प्रमुख गढ़ (Fort) के रूप में जाना जाता था। ब्रिटिशकालीन Gorakhpur Gazetteer में भी बांसगांव का उल्लेख क्षेत्र के सबसे प्राचीन परिवारों में से एक के निवास स्थान के रूप में किया गया है।

गजेटियर के अनुसार, बांसगांव लगभग 4,591 एकड़ क्षेत्रफल में फैला हुआ था, जिससे यह कुशीनगर क्षेत्र के सबसे बड़े गाँवों में गिना जाता था। यहाँ स्थित प्राचीन किला (बांसगांव गढ़) कभी दिलीपनगर परिवार की शक्ति, प्रशासन और सामाजिक प्रतिष्ठा का केंद्र था। यह उल्लेख दर्शाता है कि दिलीपनगर परिवार न केवल क्षेत्र के सबसे पुराने परिवारों में था, बल्कि स्थानीय इतिहास और समाज में भी उसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही।

 #बुद्ध_पूर्णिमा के शुभ अवसर पर, कुशीनगर में बौद्ध धर्म के प्रति  #दिलीप_नगर_एस्टेट के लंबे समय से चले आ रहे संरक्षण की ...
01/05/2026

#बुद्ध_पूर्णिमा के शुभ अवसर पर, कुशीनगर में बौद्ध धर्म के प्रति #दिलीप_नगर_एस्टेट के लंबे समय से चले आ रहे संरक्षण की विरासत एक बार फिर पूरी श्रद्धा और भक्ति के साथ परिलक्षित हुई।

पवित्र महापरिनिर्वाण विहार मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना और अनुष्ठान संपन्न हुए, जहाँ भिक्षु संघ के अध्यक्ष #बोधयान_गौतम जी के नेतृत्व में संघ के सदस्यों ने #कुंवर_नरेंद्र_कुमार_सिंह जी को बौद्ध परंपराओं के प्रति उनके निरंतर समर्थन और श्रद्धा के लिए सादर सम्मानित किया।

भेंट अर्पण, प्रसाद वितरण और पारंपरिक अनुष्ठानों से सुसज्जित यह समारोह, दिलीप नगर एस्टेट के कुशीनगर की आध्यात्मिक विरासत के साथ गहरे ऐतिहासिक जुड़ाव को उजागर करता है।

ऐसे क्षण शांति, करुणा और धर्म के शाश्वत मूल्यों को संरक्षित करने और बढ़ावा देने के प्रति हमारी प्रतिबद्धता को पुनः पुष्ट करते हैं।

On the auspicious occasion of Buddha Purnima, the legacy of the Dileepnagar Estate’s long-standing patronage of Buddhism in Kushinagar was once again reflected with devotion and श्रद्धा.

At the sacred Mahaparinirvana Vihar Temple, special पूजा and rituals were performed, where members of the Bhikshu Sangh led by its President Bodhyan Gautam ji graciously honoured (सम्मानित) Kunwar Narendra Kumar Singh ji for his continued support and reverence towards Buddhist traditions.

The ceremony, marked by offerings, distribution of prasad, and traditional rituals, highlights the deep-rooted historical connection of the Dileepnagar Estate with the spiritual heritage of Kushinagar.

Such moments reaffirm our commitment to preserving and promoting the timeless values of peace, compassion, and dharma.

 #पूर्व_प्रधानमंत्री_चंद्र_शेखर_जी की जयंती के अवसर पर, हम एक ऐसे नेता को याद करते हैं जो अपनी सादगी और लोगों के साथ अपन...
18/04/2026

#पूर्व_प्रधानमंत्री_चंद्र_शेखर_जी की जयंती के अवसर पर, हम एक ऐसे नेता को याद करते हैं जो अपनी सादगी और लोगों के साथ अपने गहरे जुड़ाव के लिए जाने जाते थे।

दिलीप नगर की अपनी एक यात्रा के दौरान, उनकी तस्वीर #दिलीप_नगर_परिवार के #कुंवर_उपेन्द्र_कुमार_सिंह जी, #कुंवर_सुरेन्द्र_कुमार_सिंह जी और #कुंवर_नरेन्द्र_कुमार_सिंह जी के साथ ली गई थी। यह तस्वीर उस सौहार्दपूर्ण रिश्ते और मैत्रीपूर्ण मेल जोल को दर्शाती है जो वे इस परिवार के साथ साझा करते थे।

On the birth anniversary of former Prime Minister Chandra Shekhar Ji , we remember a leader known for his simplicity and close connection with the people.

During one of his visits to Dileepnagar, he was photographed with the of the —Kunwar Upendra Kumar Singh Ji, Kunwar Surendra Kumar Singh Ji, and Kunwar Narendra Kumar Singh Ji. The picture reflects the cordial relationship and friendly interaction he shared with the family.

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Dileep Nagar Estate , Dileep Nagar Fort Kasia
Kasia
274402

Telephone

+919026776639

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