Dileep Nagar Estate , Kushinagar

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 #राजमाता_कुमुद_सिंह_जी को स्मरण करते हुए ~राजमाता कुमुद सिंह जी की 84 वीं जयंती के अवसर पर  #दिलीपनगर_एस्टेट का परिवार ...
23/09/2026

#राजमाता_कुमुद_सिंह_जी को स्मरण करते हुए ~

राजमाता कुमुद सिंह जी की 84 वीं जयंती के अवसर पर #दिलीपनगर_एस्टेट का परिवार उन्हें सादर श्रद्धांजलि एवं भावपूर्ण नमन अर्पित करता है। 🕊️

राजमाता कुमुद सिंह जी, #राय_बहादुर_भुवनेश्वरी_प्रसाद_नारायण_सिंह जी, #रसूलपुर_एस्टेट की ज्येष्ठ पुत्री थीं। वे केवल अपने सौम्य व्यक्तित्व और गरिमामयी जीवन के लिए ही नहीं, बल्कि करुणा, परोपकार और समाजसेवा के लिए भी स्मरण की जाती हैं।

1980 और 1990 के दशक में, जब गर्मियों के दिनों में खेतों और कच्चे घरों में आग लगने की घटनाएँ होती थीं और अनेक परिवारों के सामने भोजन एवं आवश्यक वस्तुओं का संकट खड़ा हो जाता था, तब राजमाता जी जरूरतमंद परिवारों की सहायता के लिए आगे आती थीं। वे अनाज, बर्तन और वस्त्र वितरित कर प्रभावित परिवारों का सहारा बनती थीं।

मानसून के दिनों में जब बाँसी नदी में बाढ़ आती और बाँसगाँव सहित आसपास के गाँव प्रभावित होते, तब भी वे राहत सामग्री पहुँचाकर पीड़ित परिवारों की सहायता करती थीं।

उनका जीवन इस बात का उदाहरण रहा कि विरासत केवल संपत्ति से नहीं, बल्कि सेवा, संवेदना और समाज के प्रति उत्तरदायित्व से भी आगे बढ़ती है।

राजमाता कुमुद सिंह जी की स्मृति को शत्-शत् नमन। 🙏🏻

यह दुर्लभ तस्वीर  #दिलीप_नगर_एस्टेट के 'यूरोपियन गेस्ट हाउस' को दिखाती है, जो इस ऐतिहासिक एस्टेट परिसर की एक खास इमारत ह...
08/09/2026

यह दुर्लभ तस्वीर #दिलीप_नगर_एस्टेट के 'यूरोपियन गेस्ट हाउस' को दिखाती है, जो इस ऐतिहासिक एस्टेट परिसर की एक खास इमारत है। इसकी बनावट में औपनिवेशिक दौर का असर दिखता है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश की बड़ी एस्टेट् से जुड़े कई अहम महलों और गेस्ट हाउस में भी देखने को मिलता है।

यहाँ कई खास मेहमान ठहरे थे। भारत के उप-प्रधानमंत्री, केंद्रीय कैबिनेट मंत्री, यूनाइटेड प्रोविंस के गवर्नर, अलग-अलग राज्यों के गवर्नर, बिहार के मुख्यमंत्री, राज्य कैबिनेट मंत्री, राजा-महाराजा, बड़े ज़मींदार और दूसरी जानी-मानी हस्तियाँ दिलीप नगर एस्टेट की यात्रा के दौरान यहाँ रुकी थीं।

 #कुड़वा_दिलीपनगर_स्टेट के पूर्वजों का स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान15 अगस्त को प्रकाशित इस समाचार आलेख में कुड़वा दिलीपन...
16/08/2026

#कुड़वा_दिलीपनगर_स्टेट के पूर्वजों का स्वतंत्रता आंदोलन में योगदान

15 अगस्त को प्रकाशित इस समाचार आलेख में कुड़वा दिलीपनगर स्टेट के पूर्वजों के संघर्ष और वीरता का उल्लेख किया गया है।

1799 के #भटपार_रानी युद्ध में अंग्रेजों के विरुद्ध बांसगांव दिलीप नगर एस्टेट के ज़मींदार, सैनिकों और प्रजा ने मिलकर संघर्ष किया। संघर्ष किया। इस युद्ध में #कुँवर_हरि_सिंह और #कुँवर_रघुनाथ_सिंह ने वीरगति प्राप्त की।

 #ब्रिटिश_शासनकाल में  #बांसगांव_दिलीपनगर_एस्टेट का एक विशेषाधिकारब्रिटिश शासनकाल में प्रमुख महाराजाओं, राजाओं और बड़े ज...
03/08/2026

#ब्रिटिश_शासनकाल में #बांसगांव_दिलीपनगर_एस्टेट का एक विशेषाधिकार

ब्रिटिश शासनकाल में प्रमुख महाराजाओं, राजाओं और बड़े ज़मींदारों को अनेक विशेषाधिकार प्राप्त थे। इनमें से एक महत्वपूर्ण विशेषाधिकार दीवानी एवं फौजदारी न्यायालयों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने से छूट था। वे अपने वकील, एस्टेट मैनेजर अथवा अधिकृत प्रतिनिधि के माध्यम से न्यायालय में अपना पक्ष रख सकते थे।

#दिलीपनगर_एस्टेट अभिलेखागार से प्राप्त एक ऐतिहासिक दस्तावेज़ इसका रोचक प्रमाण प्रस्तुत करता है। उन्नीसवीं शताब्दी के प्रारम्भिक काल के फौजदारी न्यायालय के इस अभिलेख में #पालकधारी_सिंह (बांसगांव, बाद में दिलीपनगर एस्टेट) का उल्लेख है। अभिलेख से स्पष्ट है कि वे स्वयं न्यायालय में उपस्थित नहीं हुए, फिर भी उनकी व्यक्तिगत उपस्थिति अनिवार्य किए बिना न्यायालय की कार्यवाही आगे बढ़ाई गई।

ऐसे विशेषाधिकार ब्रिटिश प्रशासन द्वारा प्रतिष्ठित राजघरानों एवं प्रभावशाली ज़मींदार परिवारों को प्राप्त सम्मान और उनके उच्च सामाजिक-प्रशासनिक दर्जे के प्रतीक थे।

 #दिलीपनगर_एस्टेट_परिवार की  #कुलदेवी_माँ_कुलकुला_देवी_धाम, कुड़वा (दिलीपनगर), कुशीनगर के नाम भारत के सर्वोच्च न्यायालय ...
14/07/2026

#दिलीपनगर_एस्टेट_परिवार की #कुलदेवी_माँ_कुलकुला_देवी_धाम, कुड़वा (दिलीपनगर), कुशीनगर के नाम भारत के सर्वोच्च न्यायालय के माननीय #न्यायमूर्ति_श्री_संजय_करोल जी द्वारा दिनांक 4 जुलाई 2026 को भेजा गया यह श्रद्धापूर्ण पत्र प्राप्त हुआ। यह पत्र दिलीपनगर एस्टेट के #कुँवर_नरेन्द्र_कुमार_सिंह_जी द्वारा प्राप्त किया गया।

इस पत्र में माननीय न्यायमूर्ति ने माँ कुलकुला देवी के प्रति अपनी गहरी आस्था व्यक्त करते हुए उनके दिव्य दर्शन का अवसर मिलने पर हृदय से कृतज्ञता प्रकट की है।

महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर जननेता एवं भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री  #बाबू_जगजीवन_राम_जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-श...
06/07/2026

महान स्वतंत्रता सेनानी, प्रखर जननेता एवं भारत के पूर्व उप प्रधानमंत्री #बाबू_जगजीवन_राम_जी की पुण्यतिथि पर उन्हें शत्-शत् नमन एवं विनम्र श्रद्धांजलि।

सामाजिक न्याय, समरसता तथा वंचित एवं कमजोर वर्गों के उत्थान के लिए उनका आजीवन योगदान भारतीय लोकतंत्र के इतिहास में सदैव स्मरणीय रहेगा।

दिलीपनगर किला से बाबू जगजीवन राम जी की अनेक ऐतिहासिक स्मृतियाँ जुड़ी हुई हैं। 1970 के दशक में उन्होंने दिलीपनगर का दौरा किया था। उनका #कुँवर_कन्हैया_कुमार_सिंह जी से अत्यंत आत्मीय एवं सौहार्दपूर्ण संबंध था। उनके आगमन पर दिलीपनगर किला में उनका भव्य स्वागत किया गया था, जहाँ दूर-दूर के ग्रामीण भी उनके दर्शन एवं अभिनंदन के लिए बड़ी संख्या में एकत्र हुए थे।

ऐसे महान राष्ट्रनायक की पुण्यतिथि पर दिलीपनगर राजपरिवार भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित करता है।

 #दिलीपनगर_राजमहल में प्रत्येक वर्ष निकलने वाला  #मोहर्रम_का_जुलूस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब, ...
26/06/2026

#दिलीपनगर_राजमहल में प्रत्येक वर्ष निकलने वाला #मोहर्रम_का_जुलूस केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि गंगा-जमुनी तहज़ीब, सामाजिक समरसता और पारस्परिक सम्मान की सदियों पुरानी परंपरा का जीवंत प्रतीक है।

#दिलीपनगर_राजपरिवार का इस परंपरा से अत्यंत आत्मीय और ऐतिहासिक संबंध रहा है। वर्षों से यह परंपरा चली आ रही है कि मोहर्रम के अवसर पर ताज़िए राजमहल परिसर से होकर अपने निर्धारित मार्ग पर आगे बढ़ते हैं। इस अवसर पर राजपरिवार सदैव श्रद्धा एवं सम्मान के साथ जुलूस का स्वागत करता रहा है। यह परंपरा इस बात का प्रमाण है कि दिलीपनगर की विरासत केवल शासन और वैभव तक सीमित नहीं थी, बल्कि सामाजिक सौहार्द और सभी समुदायों के प्रति समान आदर की भावना भी उसकी पहचान रही है।

#दिलीपनगर_राजमहल ने पीढ़ी-दर-पीढ़ी इस सांस्कृतिक विरासत को सहेजकर रखा है। यह परंपरा आज भी उन ऐतिहासिक मूल्यों की याद दिलाती है, जिनमें विभिन्न धर्मों और समुदायों के लोग परस्पर सम्मान, विश्वास और भाईचारे के साथ एक-दूसरे की परंपराओं का आदर करते थे।

इन चित्रों में मोहर्रम के अवसर पर भव्य ताज़ियों का दिलीपनगर राजमहल के समक्ष से गुजरता हुआ दृश्य उसी ऐतिहासिक विरासत और सांप्रदायिक सौहार्द का सजीव प्रमाण है। यह परंपरा हमें स्मरण कराती है कि वास्तविक विरासत केवल इमारतों में नहीं, बल्कि उन परंपराओं में बसती है जो समाज को जोड़ती हैं और पीढ़ियों तक जीवित रहती हैं।

 #दिलीपनगर_स्टेट के अभिलेखों से प्राप्त यह एक दुर्लभ ऐतिहासिक चित्र है, जिसमें तत्कालीन भारत के  #उपप्रधानमंत्री_बाबू_जग...
12/06/2026

#दिलीपनगर_स्टेट के अभिलेखों से प्राप्त यह एक दुर्लभ ऐतिहासिक चित्र है, जिसमें तत्कालीन भारत के #उपप्रधानमंत्री_बाबू_जगजीवन_राम_जी के #दिलीपनगर_पैलेस आगमन का दृश्य अंकित है।

#बाबू_जगजीवन_राम_जी के दिलीपनगर के #कुँवर_कन्हैया_कुमार_सिंह_जी से अत्यंत घनिष्ठ संबंध थे। उनके एक ऐसे ही आगमन अवसर पर आसपास के गाँवों से बड़ी संख्या में लोग दिलीपनगर पैलेस परिसर में एकत्र होकर उनका स्वागत एवं अभिनंदन करने पहुँचे।

यह चित्र क्षेत्र की जनता और दिलीपनगर आने वाले प्रतिष्ठित अतिथियों के बीच आत्मीयता, सम्मान और स्नेहपूर्ण संबंधों को अत्यंत सुंदर ढंग से प्रदर्शित करता है

🌳 प्रकृति संरक्षण का संकल्प, मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक! 🌳विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर अपने निज ग्राम कुड...
05/06/2026

🌳 प्रकृति संरक्षण का संकल्प, मातृभूमि के प्रति समर्पण का प्रतीक! 🌳

विश्व पर्यावरण दिवस के पावन अवसर पर अपने निज ग्राम कुड़वा दिलीपनगर स्थित कुलकुला वन में आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में सहभागिता करते हुए #कुँवर_नरेंद्र_कुमार_सिंह_जी एवं उनके परिवारजनों द्वारा पौधारोपण किया गया।

साथ ही, उत्तर प्रदेश के यशस्वी मुख्यमंत्री परम आदरणीय श्री योगी आदित्यनाथ जी महाराज के जन्मदिवस के उपलक्ष्य में संचालित “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान के अंतर्गत पौधे रोपित कर मातृशक्ति के प्रति सम्मान एवं प्रकृति संरक्षण के प्रति अपने दायित्व का निर्वहन किया गया।

यह आयोजन पर्यावरण संरक्षण, हरित विकास तथा आने वाली पीढ़ियों के लिए स्वच्छ एवं स्वस्थ वातावरण के निर्माण हेतु सामूहिक संकल्प का प्रतीक रहा।

उक्त अवसर पर मा० संसद विजय कुमार दुबे जी, मा० विधायक सुरेन्द्र कुमार कुशवाहा जी, जिलाधिकारी कुशीनगर, मुख्य विकास अधिकारी कुशीनगर, प्रभागीय वन अधिकारी कुशीनगर, पार्टी पदाधिकारीगण एवं अन्य विभागीय अधिकारीगण उपस्थित रहे।

 #दिलीपनगर_स्टेट_परिवार की एक दुर्लभ एवं ऐतिहासिक तस्वीर जिसमें परिवार के दो विशिष्ट सदस्यों के युवावस्था के दिनों तथा उ...
24/05/2026

#दिलीपनगर_स्टेट_परिवार की एक दुर्लभ एवं ऐतिहासिक तस्वीर जिसमें परिवार के दो विशिष्ट सदस्यों के युवावस्था के दिनों तथा उनकी अश्वारोहण परंपरा के प्रति विशेष लगाव की झलक दिखाई देती है।

चित्र में बाएँ से दाएँ —
#कुँवर_शैल्य_कुमार_सिंह_जी, #दिलीपनगर_स्टेट के उत्तराधिकारी , तथा उनके चाचा #कर्नल_राय_वरदराज_सेवक_सिंह_जी, #सोधरी_दिलीपनगर_स्टेट।

यह चित्र उस युग की अभिजात्य अश्व संस्कृति और घुड़सवारी परंपरा को दर्शाता है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश एवं बिहार के अनेक प्रतिष्ठित जमींदार एवं राजपरिवारों की जीवनशैली का महत्वपूर्ण अंग हुआ करती थी। कुँवर शैल्य कुमार सिंह जी एवं राय वरदराज सेवक सिंह जी दोनों ही घोड़ों, घुड़सवारी तथा बाह्य खेल गतिविधियों के प्रति विशेष रुचि रखते थे।

An old and rare photograph capturing two distinguished members of the Dileepnagar family during their younger days and their passion for equestrian activities.

From left to right:
Kunwar Shailya Kumar Singh ji, heir of the Dileepnagar Estate, and his uncle Rai Varadraj Sewak Singh ji of Sodhari–Dileepnagar.

The photograph reflects the deep aristocratic tradition of horse riding and equestrian culture that was once an essential part of the lifestyle of many prominent estate families of eastern Uttar Pradesh and Bihar. Both Kunwar Shailya Kumar Singh ji and Rai Varadraj Sewak Singh ji were known for their fondness for horses, riding, and outdoor sporting activities.

Their attire and riding sticks in the photograph further indicate their association with equestrian discipline and the sporting culture of the landed nobility of that era. Horse riding was not merely a pastime for such families but also symbolized prestige, training, physical fitness, and the martial traditions preserved within old estate households.

This photograph stands as a valuable glimpse into the heritage, lifestyle, and sporting traditions of the historic Dileepnagar Estate.

Address

Dileep Nagar Estate , Dileep Nagar Fort Kasia
Kasia
274402

Telephone

+919026776639

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