21/12/2023
"जतरा" (Journey of Art)
मनुष्य के सभ्य और सुसंस्कृत होने की शुरुआत के हर आयाम की कला यात्रा है।
जब से मनुष्य ने अपने अंदर के सौंदर्य बोध को पहचाना उन्हें तरजीह दी और अपनी रचना प्रक्रिया में अपनी हर अनुभूतियों अपने हर मर्म को उकेरा, उन्हें बनाया, उन्हें गढ़ा।
यह अनुभूतियों का स्पर्श ही मनुष्य बनने की यात्रा है और हमारी कलाकृतियां ही उसकी कहानी है दस्तावेज है।
जिस तरह ईश्वर की सर्वोत्कृष्ट कृति मनुष्य है । ठीक उसी तरह अपनी कला के माध्यम से मनुष्य भी सुंदरता की एक प्रतिकृति , एक संसार रचता है।
कला प्रक्रिया के माध्यम से मनुष्य, ईश्वर होना चाहता है। वह ईश्वर जो हमारे ,आपके, हम सब के भीतर है।
उसी ईश्वर की खोज, अपने स्वयं की खोज की यात्रा ही जतरा है।
आइए इन्हें देखें, सराहें और उन तमाम ईश्वरीय अनुभूतियों के साक्षी बने जहां इस जगत में सब कुछ सुंदर है शाश्वत है।
' A thing of beauty is joy forever'
John Keats