एक दिया शहीदों के नाम

एक दिया शहीदों के नाम स्वदेश की रक्षा के लिए प्राणों की आहुति देने वाले शहीदों को सादर नमन �

19/10/2025
'एक दीया शहीदों के नाम' कार्यक्रम 2025  #10वां_वर्ष स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में छोटा गम्हरिया स्थित दुगार्पूजा मै...
19/10/2025

'एक दीया शहीदों के नाम' कार्यक्रम 2025 #10वां_वर्ष
स्वदेशी जागरण मंच के तत्वावधान में छोटा गम्हरिया स्थित दुगार्पूजा मैदान में दीपावली से पूर्व ' ीया_शहीदों_के_नाम' कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता मंच के जिला संयोजक अजीत कुमार सिंह ने किया जबकि संचालन रश्मि साहू और , पूर्व सैनिक एस शेखर ने की।

इस अवसर पर बतौर मुख्य अतिथि आर्मी कैम्प सोनारी के नायक सूबेदार सीके सिंह तथा विशिष्ट अतिथि के रूप में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के पूर्वांचल अध्यक्ष मनोज कुमार सिंह, जगदेव जी, निवर्तमान पार्षद सिद्धनाथ सिंह, बाबू मिश्रा आदि उपस्थित थे। कार्यक्रम का शुभारंभ नव ज्योति विद्या मंदिर के बच्चों के द्वारा दीप मंत्रोच्चार के साथ अतिथियों द्वारा दीप प्रज्जवलित कर किया गया। इस मौके पर मुख्य अतिथि सोनारी आर्मी कैंप के सूबेदार नायक सीके सिंगा ने कहा देश की खातिर मर मिटने वाले ऐसे बहादुर सेनाओं को शत शत नमन, देशवासी सदैव उनके ऋणी रहेंगे। उन्होंने कहा कि इस तरह के देशभक्ति कार्यक्रमों से लोगों में देशप्रेम का जज्बा उत्पन्न होता है।

विशिष्ट अतिथि मनोज कुमार सिंह ने कहा कि आयोजक मंडली के द्वारा सभी शहीदों को एक साथ श्रद्धांजलि देने के लिए आयोजित यह कार्यक्रम अति सराहनीय है। उन्होंने लोगों से दीपावली समेत दैनिक जीवन में उपयोग के लिए स्वदेशी वस्तुओं की ही खरीददारी करने की अपील किया।

इस मौके पर देश की शहीद जवानों के नाम हजारों दीप जलाकर उन्हें नमन किया गया।

कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विद्यालय और क्षेत्र के कलाकारों द्वारा देशभक्ति गीत व नृत्य की प्रस्तुति कर पूरे माहौल को देशभक्ति के रंग में रंग दिया।

विद्या भारती, आदर्श विकास विद्यालय, प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, वाणी विद्या मंदिर, राज्य संपोषित उच्च विद्यालय, कार्यक्रम के अंत में मंच की ओर से बीते दिनों आयोजित प्रश्नोत्तरी और चित्रांकन प्रतियोगिता में सम्मिलित बच्चों को पुरस्कृत किया गया।

इस मौके पर विहिप नेता भगवान सिंह, डी एन सिंह, जलेश्वर सिंह, रामयश तिवारी, दलबीर सिंह, सन्नी सिंह,सनी देव भक्त मंडली के संरक्षक देबू घोष, रविकांत भगत, हरिशंकर शाह अमित सिंहदेव, शैलेश तिवारी,राजन साव, विवेक कुमार, अर्पित यादव, नगीना यादव, आदर्श दूबे, मानव प्लाजा, मनीष मुखर्जी, अनिमेष कुमार, संतोष प्रसाद, बाबूराम मार्डी, आकाश कुमार, मुकेश कुमार, जितेन्द्र सिंह, अभिजीत, संजय भारती समेत मंच के सभी सदस्य व काफी संख्या में स्थानीय गणमान्य लोग उपस्थित थे।

*स्वदेशी जागरण मंच के तत्वाधान में एक दीया शहीदों के नाम कार्यक्रम का 17 अक्टूबर को*दीपावली से पूर्व संध्या एकदिया शहीदो...
16/10/2025

*स्वदेशी जागरण मंच के तत्वाधान में एक दीया शहीदों के नाम कार्यक्रम का 17 अक्टूबर को*
दीपावली से पूर्व संध्या एक
दिया शहीदों के नाम कार्यक्रम को लेकर दुर्गा मैदान में एक बैठक आयोजित की गई. बैठक में कार्यक्रम की रूपरेखा और तैयारियों को लेकर चर्चा हुई. आगामी 17 अक्टूबर दिन शुक्रवार को शाम 04:00 'एक दिया शहीदों के नाम' कार्यक्रम का आयोजन करने का निर्णय लिया गया. आयोजनकर्ता स्वदेशी जागरण मंच के जिला संयोजक श्री अजित कुमार सिंह ने बताया कि देश की रक्षा करते अपने प्राण की आहुति देने वाले हमारे वीर जवानों को श्रद्धांजलि देने के लिए बीते 9 वर्षों से दीपावली की पूर्व संध्या पर एक दिया शहीदों के नाम कार्यक्रम किया जा रहा है. कार्यक्रम में स्वदेशी जागरण मंच की ओर से क्षेत्र के प्रबुद्ध नागरिकों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही 8 अक्टूबर 2025 को हुए प्रश्नोत्तरी एवं चित्रकला प्रतियोगिता में सम्मिलित बच्चों को पुरस्कृत किया जाएगा। यह कार्यक्रम गैरराजनीतिक है. उन्होंने आम लोगों से कार्यक्रम में सम्मिलित होकर शहीदों के नाम एक दीया जरूर जला ने की अपील की. बैठक में रश्मि साहू, बाबू मिश्रा,अमित सिंह देव, पूर्व सैनिक डॉ शरदेन्दु शेखर,राजन साहू, विवेक कुमार, नगीना यादव, अर्पित यादव, आदर्श, मनीष मुखर्जी, मानस प्लाजा, अमरजीत सिंह, हरिशंकर शाह, गौरव कुमार, आदर्श दूबे,विपेंद्र राय, श्याम नारायण समेत कई युवा सदस्य उपस्थित थे.

16/10/2025
आप सभी इस कार्यक्रम में सादर आमंत्रित हैं
16/10/2025

आप सभी इस कार्यक्रम में सादर आमंत्रित हैं

स्वदेशी जागरण मंच के तत्वाधान में विगत 9 वर्षों से शहीदों के सम्मान में गम्हरिया में दीपावली से पूर्व "एक दीया शहीदों के...
10/10/2025

स्वदेशी जागरण मंच के तत्वाधान में विगत 9 वर्षों से शहीदों के सम्मान में गम्हरिया में दीपावली से पूर्व "एक दीया शहीदों के नाम" देशभक्ति कार्यक्रम का आयोजन किया जाता रहा है।
इस वर्ष यह कार्यक्रम दिनांक 17/10/2025 शुक्रवार को संध्या 04:00 बजे, स्थान दुर्गा पूजा मैदान, गम्हरिया में आयोजित है। जिसमें बालकलाकारों द्वारा देशभक्ति गीत एवं नृत्य प्रस्तुती होगी।

डिंपल नाम था उनका...२४ साल के  #कैप्टन_विक्रम_बत्रा करगिल युद्ध से वापस आने के बाद उनसे शादी करने वाले थे....लेकिन जब वह...
10/09/2025

डिंपल नाम था उनका...

२४ साल के #कैप्टन_विक्रम_बत्रा करगिल युद्ध से वापस आने के बाद उनसे शादी करने वाले थे....
लेकिन जब वह करगिल से वापस आए तो तिरंगे में लिपटकर..

कहानी यहीं खत्म नहीं हुई...

डिंपल ने आजीवन शादी न करने का निर्णय लेते हुए पूरी जिंदगी शहीद विक्रम बत्रा की याद में बिताने का फैसला लेकर अपनी प्रेम कहानी को अमर कर दिया....

पचानवें में चंडीगढ़ की पंजाब यूनिवर्सिटी में विक्रम और डिंपल की पहली मुलाकात हुई थी....
चार सालों के उस खूबसूरत रिश्ते में दोनों ने एक दूसरे के साथ काफी कम समय बिताया....
उस रिश्ते के एहसास को शब्दों में बयां करने की कोशिश में आज भी डिंपल की आंखें भर आती हैं....
एक न्यूज वेबसाइट को इंटरव्यू देते हुए डिंपल ने बताया था ..कि जब एक बार उन्होंने विक्रम से शादी के लिए कहा तो विक्रम ने चुपचाप ब्लेड से अपना अंगूठा काटकर उनकी मांग भर दी थी....

तेरह जम्मू ऐंड कश्मीर राइफल्स में दिसम्बर सतानवें को लेफ्टिनेंट के पोस्ट पर विक्रम की जॉइनिंग हुई....
जून ऩिनान्वें को उनकी टुकड़ी को करगिल युद्ध में भेजा गया.. हम्प व राकी नाब स्थानों को जीतने के बाद उसी समय विक्रम को कैप्टन बना दिया गया....
इसके बाद श्रीनगर-लेह मार्ग के ठीक ऊपर सबसे महत्त्वपूर्ण पाँच हजार एक सौ चालीस फीट उंची चोटी को पाक सेना से मुक्त करवाने का जिम्मा भी कैप्टन विक्रम बत्रा को दिया गया.....
बेहद दुर्गम क्षेत्र होने के बावजूद विक्रम बत्रा ने अपने साथियों के साथ बीस जून को सुबह तीन बजकर तीस मिनट पर इस चोटी को अपने कब्जे में ले लिया.....

विक्रम बत्रा ने इस चोटी के शिखर पर खड़े होकर रेडियो के माध्यम से एक कोल्डड्रिंक कंपनी की कैचलाइन ‘यह दिल मांगे मोर’ को उद्घोष के रूप में कहा तो...
सेना ही नहीं बल्कि पूरे भारत में उनका नाम छा गया...

अब हर तरफ बस ‘यह दिल मांगे मोर’ ही सुनाई देता था..
इसके बाद सेना ने चोटी चार आठ सात पांच को भी कब्जे में लेने का अभियान शुरू कर दिया...
इसकी बागडोर भी कैप्टन विक्रम को ही सौंपी गई.. उन्होंने जान की परवाह न करते हुए लेफ्टिनेंट अनुज नैय्यर के साथ कई पाकिस्तानी सैनिकों को मौत के घाट उतारा.. मिशन लगभग सफलता हासिल करने की कगार पर था...
तभी उनके जूनियर ऑफिसर लेफ्टिनेंट नवीन के पास एक विस्फोट हुआ, नवीन के दोनों पैर बुरी तरह जख्मी हो गए.. कैप्टन बत्रा नवीन को बचाने के लिए पीछे घसीटने लगे, तभी उनकी छाती में गोली लगी और 7 जुलाई 1999 को भारत का वह शेर शहीद हो गया..

देश और देशवासियों के प्रति उनका प्यार किस कदर था, इसका अंदाजा इस बात से लगाइए कि 18 साल की उम्र में ही उन्होंने अपनी आंखें दान कर दी थीं......
विक्रम को ग्रैजुएशन के बाद हॉन्ग कॉन्ग में भारी वेतन पर मर्चेन्ट नेवी में भी नौकरी मिल रही थी...
लेकिन सेना में जाने के जज्बे वाले विक्रम ने इस नौकरी को ठुकरा दिया.....
कैप्टन विक्रम बत्रा को मरणोपरांत सन् 1999 में सर्वोच्च वीरता सम्मान परमवीर चक्र से नवाजा गया...
दुश्मन मुल्क भी उनके जज्बे का ऐसा कायल था....
कि उनको नाम दिया 'शेऱशाह......
आज विक्रम हमारे बीच नहीं है.........late Post हैप्पी बड्डे कैप्टन..09.09.1974
🙏❤ जय हिंद.....

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