25/08/2026
💪🇮🇳
विरोध, Protest या सत्ता की जनता-विरोधी नीतियों का प्रतिकार—इस स्कूल के प्रिंसिपल हैं हम, हम यानी जाट 😎
“Agitation as ‘Profession’ of Jat Leaders”
“जाट नेताओं के लिए आंदोलन एक ‘पेशा’”
The Times of India, 2 March 1935, Page 5
अंग्रेज़ी अख़बार की यह सुर्खी आज से 91 साल पुरानी है। यानी सरकारों की नीतियों के खिलाफ आंदोलन करना हमारे लिए कोई नया शौक नहीं है। 😎
या फिर नरेंद्र मोदी जी के शब्दों में कहें तो—
हम पुराने “आंदोलनजीवी” हैं। 🤪
तो कल जो भाई आरक्षण विरोधी आंदोलन को लेकर रो रहे थे, वे चाहें तो हमसे सरकार के खिलाफ आंदोलन करने की ट्यूशन ले सकते हैं। 😂
क्योंकि भाई, तुम अभी सरकार के खिलाफ आंदोलन करने में कच्ची नर्सरी के छात्र हो…
और हम?
हम इस स्कूल के प्रिंसिपल हैं। 😜
इतिहास गवाह है
जाट सिर्फ खेत में हल दरांती चलाना ही नहीं जानते, जरूरत पड़े तो उसी जेली-दरांती को सत्ता के खिलाफ झंडा भी उठा लेते हैं। ✊