30/05/2026
🏰 #मेहरानगढ़ किला - जोधपुर का गौरवशाली दुर्ग*
( , - Ek )
🔷 📍 *स्थान* :
#राजस्थान के पश्चिमी भाग में बसार, जिसे "नीला शहर" कहा जाता है। शहर के बीचों-बीच 400 फीट ऊँची पहाड़ी पर स्थित है यह मेहरानगढ़ का दुर्ग।
🛕 *इतिहास की गहराई में:*
~इस दुर्ग का #निर्माण सन् 1459 में राव जोधा ने करवाया था, जो मारवाड़ के #राठौड़ वंश के शासक थे।
~पुराने किले की जगह को 'चिड़ियाटूंक' कहा जाता था, जहाँ शुरुआत में एक #संन्यासी चरन नाथ का निवास था।
~कहा जाता है कि जब #किला बनना शुरू हुआ तो संन्यासी को हटाना पड़ा, जिससे नाराज़ होकर उन्होंने श्राप दिया कि "यह स्थान सदैव जल संकट से ग्रस्त रहेगा" — जो आज भी जोधपुर की पानी की समस्या से जोड़ा जाता है।
~श्राप को शांत करने के लिए एक व्यक्ति "राजिया भिंडू" को जिंदा दीवारों में चिनवा दिया गया।
*🏯 किले की संरचना* :
किला पहाड़ी की चोटी पर बना हुआ है और इसकी मोटी दीवारें और ऊँचे बुर्ज इसे अजेय बनाते हैं।
इसमें 7 विशाल द्वार हैं:
1. *जयपोल* – महाराजा मान सिंह ने बनवाया
2. *फतेहपोल* – मुगलों पर विजय के बाद
3. *घुंटा पोल* , डेड कामरा पोल, लोहा पोल, आदि
🌟 *मुख्य दर्शनीय स्थल:*
🏰 *महल* :
~*मोती महल* – दरबार और निर्णय लेने का स्थान
~*फूल महल* – सुंदर नक्काशी और सोने की सजावट
~*शीश महल* – कांच की आकर्षक सजावट
~ *तख्त विलास* – राजा का निजी कक्ष
🏺 *संग्रहालय* :
~प्राचीन तलवारें, ढालें, तोपें, राजसी वस्त्र, पालकियाँ और चित्रकारी
~शाही पालकी जैसे कैपड़दोल, विंडो पालकी आदि
🔭 *विशेष आकर्षण* :
~किले से पूरे नीले जोधपुर का अद्भुत दृश्य
~Zip Lining Adventure (Flying Fox)
~रात में किले का सुंदर लाइटिंग शो
📜 *अन्य विशेषताएँ* :
~किले की दीवारों में आज भी युद्ध के निशान (तोपों के) देखे जा सकते हैं।
~लोहा पोल के पास शहीद रानियों की हस्त छापें हैं, जो सती होने से पहले दी गई थीं।
~किले के अंदर नवचौकी, जनाना ड्योढ़ी, दरबार हॉल, संग्रहालय और मंदिर हैं।
🕰️ *खुलने का समय* :
सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक
*टिकट* : भारतीय नागरिकों के लिए ₹100 से ₹200 तक, विदेशी पर्यटकों के लिए ₹600 के करीब
(Ticket दरें समय अनुसार बदल सकती हैं)
*🗓️ उत्सव और आयोजन* :
राजस्थान इंटरनेशनल फोक फेस्टिवल (RIFF)
*वर्ल्ड सिटीज डे*
विवाह और शूटिंग के लिए भी किला प्रसिद्ध है।