05/07/2026
भावपूर्ण श्रद्धांजलि 🌼
भारतीय लोककला जगत की महान विभूति, पंडवानी गायन परंपरा की अप्रतिम साधिका एवं पद्म विभूषण से सम्मानित श्रीमती तीजन बाई का 05 जुलाई, 2026 को दीर्घकालीन अस्वस्थता के उपरांत निधन हो गया। उनका जन्म 1956 में छत्तीसगढ़ के दुर्ग ज़िले के गनियारी ग्राम में हुआ था।
अपने गायन, सशक्त अभिनय और कपालिक शैली की प्रभावशाली प्रस्तुतियों के माध्यम से उन्होंने पंडवानी को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विशिष्ट पहचान दिलाई। 14 जून, 1983 को भारत भवन, भोपाल में उनकी ऐतिहासिक प्रस्तुति ने पंडवानी की मंचीय परंपरा को नया आयाम प्रदान किया। अक्टूबर 2021 में उन्होंने मध्यप्रदेश जनजातीय संग्रहालय का भ्रमण कर अपनी कला-यात्रा और संस्मरण साझा किए, जो आज भी प्रेरणास्रोत हैं।
पद्मश्री, पद्मभूषण और पद्मविभूषण सहित अनेक सम्मानों से अलंकृत तीजन बाई का संपूर्ण जीवन भारतीय लोक परंपराओं के संरक्षण और संवर्धन के लिए समर्पित रहा।
मध्यप्रदेश शासन संस्कृति विभाग उन्हें विनम्र श्रद्धांजलि अर्पित करता है। उनका अनुपम कलात्मक अवदान और सांस्कृतिक विरासत सदैव प्रेरणा देती रहेगी।
ॐ शांति।