Voice of Ex-Servicemen PBOR Association Regd

Voice of Ex-Servicemen PBOR  Association  Regd Ex-serviceman and their families welfare news

17/08/2026
16/08/2026

Dear ex-servicemen,
All of you have been informed about the problems being faced in ECHS are sent by writing a mail to the Defense Ministry and ECHS Headquarters. We hope that senior officials will try to solve all these problems point by point. The mail is append below for your info -
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Improvement is necessary in ECHS Polyclinic Referral System and delivery of medicines.
Inbox
Voice of Ex-Servicemen PBOR Association ,Regd
Attachments
Sat, Aug 15, 11:45 AM (22 hours ago)
to manoj.rai, rmo, secyesw, jsesw, cds.sectt, us-we, dircomplaints-mod, Kuldeep, direchs61sa, me, Bijendra, armyveteranscell, veteranscell-army

To,

Shri Manoj Kumar Rai

Director (WE)

Ph- 24014680

26115, 6th Floor, Kartavya Bhavan-2

New Delhi-110001

Email- [email protected]



V of ESM/PBOR/ Association/ 02 Date – 15 Aug 2026


REQUEST TO IMPROVE THE FACILITIES OF ECHS

Respected sir,

First of all, happy 80th Independence Day to all of you .
On the page of our Association , ex-servicemen have informed about the problems they face related to medicines and referral system during treatment in ECHS append below. I am also sending screenshots of some pledges of ex-servicemen.

As an example, I give an example of ECHS Polyclinic Bharatpur, Rajasthan that for dental treatment one will have to walk 30-40 kilometers to ECHS Polyclinic Bharatpur, if the problem is complex then he/she will be referred to Military Hospital Mathura.
Only after that he will get a referral to empaneled hospital Bharatpur. This is a very complex process.

If ECHS and Military Hospital are in the same area then there is no problem.
There is a lot of problem when sending it to another city, such orders should be cancelled.
For problems, only the officer in-charge of the polyclinic should have the authority so that he can send them to the local empaneled hospital.
This will reduce the problems of former soldiers.

Yours Sincerely

President
Voice of Ex-Servicemen (PBOR) Association (Regd)
Hony Capt Bijendra Singh (Retd)
2, R.K .Puram, American Gate, Achhnera Road
H.P.O & Dist – Bharatpur, Rajasthan
PIN-321001
Mobile – 9982147918
Email – [email protected]
[email protected]


Copy to,


1. Shri Raj Nath Singh

Raksha Mantri (Defence Minister)

25075, 5th Floor, Kartavya Bhawan-2

New Delhi-110001

Ph: 24014501, 24014502

Email - [email protected]

2. Smt. Sukriti Likhi

Secretary (ESW)

Ph- 24014701, 24014702

26102, 6th Floor, Kartavya Bhavan-2

New Delhi-110001

Email – [email protected]

3. Shri S.G.P Verghese

Additional Charge, JS(ESW)Ph-24014703, 24014704

26098, 6th Floor, Kartavya Bhavan-2

New Delhi-110001

Email- [email protected]

4. CDS and Chief of Staffs

Email –[email protected]

5. Directorate of Indian Army veterans (DIAV)

Adjutant General’s Branch, IHQ of MOD (Army)
104, Cavalry Road
Delhi Cantt- 110010
6. Shri Ashish Prakash Sinha

US (WE)

Ph- 24014669

26108, 6th Floor, Kartavya Bhavan-2

New Delhi-110001

Email- [email protected]

7. The Director complaints

Central Organization, ECHS

Adjutant General Branch,

IHQ of MOD (Army)

Thimayya Marg, Near Gopinath Circle

Delhi cantt -110010

Email – [email protected]

8. The Director

RC, ECHS

Jaipur

Ph- 0141-2249159

Email – [email protected]

9. 61 Sub Area Commander
Email – [email protected]

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Presented as received on the page of our association

🛑 ECHS Referral System: इलाज की सुविधा या बीमार भूतपूर्व सैनिकों के लिए समस्याओं का जंजाल?

विडंबना देखिए—जिस व्यक्ति ने देश की रक्षा में अपना जीवन लगाया, बीमारी और उम्र की अवस्था में उसे इलाज से ज्यादा Referral, Approval, Counter, Query और Claim की प्रक्रिया से जूझना पड़ रहा है। MajGen RK Jha Retd Col Rajyavardhan Rathore

एक बीमार भूतपूर्व सैनिक अपनी बीमारी के लिए सबसे पहले ECHS Polyclinic जाता है। Specialist को दिखाने के लिए Referral लेकर Empanelled Hospital पहुँचता है। यहीं से परेशानियों का सिलसिला शुरू होता है— Narendra Modi
🔹 पहली बार — Specialist Consultation:
Polyclinic से Referral लेकर Empanelled Hospital जाना।
BJP Rajasthan Rahul Gandhi Brig Birender Singh Brig Pawan Sauntra
🔹 दूसरी बार — आवश्यक Investigation:
Empanelled Hospital के Specialist द्वारा यदि ₹3,000 से अधिक की आवश्यक जाँच लिखी जाती है, तो उस जाँच के Referral/Approval के लिए मरीज को फिर ECHS Polyclinic जाना पड़ता है। Voice of Ex-Servicemen PBOR Association Regd

🔹 तीसरी बार — Medicines:
जाँच के बाद Specialist द्वारा दवाइयाँ लिखे जाने पर दवा लेने के लिए फिर Polyclinic जाना पड़ता है। Rajnath Singh

🔹 चौथी बार — Local Purchase & Claim:
यदि Polyclinic में पूरी दवा उपलब्ध नहीं है तो मरीज मजबूरी में बाजार से दवा खरीदता है और फिर उसके Reimbursement Claim के लिए दोबारा Polyclinic के चक्कर लगाता है।

🔹 पाँचवीं, छठी, सातवीं बार — Queries:
Medicine Claim में कोई Query आ जाए तो उसी बीमार और बुजुर्ग मरीज को बार-बार Polyclinic बुलाया जाता है।

⚠️ लेकिन असली परेशानी इससे भी बड़ी है!

एक गंभीर रूप से बीमार या बुजुर्ग मरीज अक्सर अकेले ECHS Polyclinic और Empanelled Hospital के बीच नहीं दौड़ सकता।

उसे अपने साथ दो सहायकों को लाना पड़ता है—

👤 पहला सहायक: पूरे समय मरीज के साथ रहकर उसे संभालता है, बैठाता है, दवा/जाँच की प्रक्रिया में सहायता करता है।

👤 दूसरा सहायक: मरीज के Referral, Approval, Documents, Medicine और Claim के लिए ECHS Polyclinic और Empanelled Hospital के बीच चक्कर काटता रहता है।

यानी एक बीमार सैनिक के इलाज की प्रक्रिया में केवल मरीज ही परेशान नहीं होता, बल्कि उसके साथ आने वाले दो परिवारजन/सहायक भी पूरा दिन इस प्रशासनिक प्रक्रिया में फँसे रहते हैं।

❓ क्या यही Patient-Centric Healthcare है?

⚠️ सबसे बड़ी विडंबना

जिस आवश्यक Investigation या Treatment की संस्तुति एक उच्च योग्य एवं अनुभवी Specialist/Super-Specialist (DM/MCh/MD/MS) मरीज की चिकित्सकीय स्थिति का परीक्षण करने के बाद करता है, उसी जाँच के Referral/Approval के लिए मरीज को वापस Polyclinic भेज दिया जाता है।

सवाल यह है—

जब Specialist ने मरीज को प्रत्यक्ष रूप से देखकर उसकी बीमारी का आकलन करके आवश्यक Investigation या Treatment लिखा है, तो उसके Clinical Decision को आगे बढ़ाने के लिए बार-बार अलग Referral की आवश्यकता क्यों हो?

यदि वित्तीय नियंत्रण या अनियमितताओं की रोकथाम के लिए पुनः Approval आवश्यक है, तो क्या इसका समाधान Digital Medical Authorization, Medical Audit और System-level Monitoring के माध्यम से नहीं किया जा सकता?

इलाज का निर्णय विशेषज्ञ करे और निगरानी सिस्टम करे—बीमार सैनिक और उसके परिवार को सिस्टम की खामी का बोझ क्यों उठाना पड़े?

🔍 कुछ और गंभीर सवाल

यदि ECHS और Empanelled Hospital के बीच गलत बिलिंग, अनियमितता या दुरुपयोग की कोई आशंका है, तो उसकी जाँच और Audit ECHS प्रशासन की जिम्मेदारी होनी चाहिए।

लेकिन यदि व्यवस्था में कहीं अनियमितता होती है, तो उसका खामियाजा बीमार और बुजुर्ग भूतपूर्व सैनिक को बार-बार Polyclinic के चक्कर लगवाकर क्यों भुगतना पड़े?

बार-बार आने-जाने से मरीज और उसके सहायकों का समय, यात्रा खर्च, शारीरिक ऊर्जा, मानसिक तनाव और आर्थिक बोझ बढ़ता है। कई बार एक मरीज के इलाज में परिवार के तीन लोगों का पूरा दिन या उससे भी अधिक समय इसी प्रक्रिया में निकल जाता है।

🛠️ समाधान क्या हो?

ECHS को समय की आवश्यकता के अनुसार Paperless Digital Referral System विकसित करना चाहिए।

✅ Empanelled Hospitals और ECHS के बीच Integrated Digital Medical System बनाया जाए।

✅ Specialist द्वारा लिखी गई आवश्यक Investigations के लिए निर्धारित सीमा तक Online/Digital Auto-Authorization की व्यवस्था हो।

✅ एक ही बीमारी के उपचार की Continuity में अनावश्यक बार-बार Referral की बाध्यता समाप्त की जाए।

✅ Medicines की उपलब्धता और Local Purchase Reimbursement को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया जाए।

✅ Claim में Query आने पर मरीज या उसके परिवार को बार-बार बुलाने के बजाय Online Query/Reply System विकसित किया जाए।

✅ Veterans की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए Single-Window Grievance System बनाया जाए।

🇮🇳 सबसे बड़ा सवाल

जिस सैनिक ने देश की सीमाओं पर कठिन परिस्थितियों में सेवा की, क्या उसके जीवन के इस पड़ाव पर उसे इलाज के लिए Referral की अंतहीन चक्की में घूमना चाहिए?

क्या एक बीमार Veteran को अपने साथ दो लोगों को केवल इसलिए लेकर चलना पड़े कि—

एक व्यक्ति मरीज को संभाले और दूसरा ECHS Polyclinic तथा Empanelled Hospital के बीच कागजी प्रक्रिया पूरी करने के लिए दौड़ता रहे?

दुर्भाग्य की बात है कि भूतपूर्व सैनिकों के हितों की बड़ी-बड़ी बातें करने वाली अनेक यूनियनें और संगठन भी इस रोजमर्रा की वास्तविक समस्या पर प्रभावी आवाज उठाते दिखाई नहीं देते।

ECHS से सीधा सवाल—

👉 बीमार सैनिक को गरिमापूर्ण और सरल इलाज मिलेगा या Referral, Approval, Query और Claim की यह अंतहीन प्रक्रिया यूँ ही चलती रहेगी?

🇮🇳 देश की रक्षा करने वाले सैनिक को बीमारी की हालत में इलाज चाहिए—कागजी कार्रवाई के लिए बार-बार चक्कर नहीं।

जिस व्यक्ति ने देश की रक्षा के लिए अपना सर्वश्रेष्ठ समय और अपनी जवानी दी है, उसके जीवन के इस पड़ाव पर व्यवस्था का दायित्व है कि वह उसके इलाज को सरल बनाए, कठिन नहीं।

🇮🇳 निशुल्क चिकित्सा कोई अहसान नहीं—यह देश के लिए किए गए सैन्य सेवा और त्याग के सम्मान में भारत सरकार द्वारा प्रदत्त सुविधा है।
सैनिक ने देश को अपना जीवन दिया है, बदले में उसे इलाज के लिए कागजों के पीछे नहीं दौड़ाना चाहिए।


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14/08/2026

प्रिय पूर्व सैनिकों,
मैं सभी पूर्व सैनिकों से अनुरोध करूंगा के एक्स सर्विसमैन कंट्रीब्यूटरी हेल्थ स्कीम (ECHS) के बारे में जानकारी लेते रहे और हमेशा अपडेट रहे।

सभी पूर्व सैनिकों और उनके आश्रितों को हमेशा अच्छा व्यवहार अपनाना चाहिए अगर कमियां हैं तो शिकायत जरूर करें लेकिन झगड़ा फसाद न करें।

इससे आपका ही नुकसान होगा हो सकता है आपके ऊपर कानूनी कार्रवाई हो और आपका कार्ड कुछ समय जैसे कि 9 महीने 1 साल के लिए सस्पेंड कर दिया जाए तो आपको कोई भी चिकित्सा सुविधा ना मिले।
खासतौर से पूर्व सैनिकों को परेशानी दवाइयां न मिलने पर या रेफरल की कठिनाइयों से है।

70 वर्ष से अधिक के सभी एक्स सर्विसमैन किसी भी एम पैनल्ड हॉस्पिटल में बिना रेफरल के अपना कार्ड साथ लेकर जाएं डॉक्टर को दिखाएं अगर कोई जांच लिखी हो तो कर ले दवा लिखी हो तो अपनी पॉलीक्लिनिक से लें।
हमारे पास एक लेटर आया था जिसमें एक पूर्व सैनिक ने पॉलीक्लिनिक में अभद्रता का व्यवहार किया तो OIC ने कार्रवाई के लिए लिखा है। वह पत्र नीचे दिया है।
आप सभी पूर्व सैनिक और उनके परिवारजन स्वस्थ रहें ऐसी कामना करता हूं।

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प्रेषक:
OIC
ECHS Polyclinic Bharatpur

सेवा में,
OIC
ECHS Cell
Stn HQ Bharatpur

विषय: No. 754038 Ex-Subedar Major बलबीर सिंह
पुत्र श्री रेवती सिंह
ग्राम जटबलई, तहसील वैर
जिला भरतपुर, राजस्थान
द्वारा, ECHS पॉलीक्लिनिक स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज एवं धमकी देने के संबंध में।

महोदय,
उपरोक्त विषय के संबंध में अवगत कराना है कि सूबेदार मेजर बलबीर सिंह द्वारा ECHS पॉलीक्लिनिक के स्टाफ के साथ बार-बार अभद्र एवं अनुशासनहीन व्यवहार किया जा रहा है। उनके इस प्रकार के व्यवहार से पॉलीक्लिनिक का कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है तथा स्टाफ के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।

ECHS पॉलीक्लिनिक स्टाफ के साथ अभद्र व्यवहार, गाली-गलौज एवं धमकी देने के संबंध में
यह अवगत कराना है कि सूबेदार मेजर बलबीर सिंह द्वारा ECHS पॉलीक्लिनिक के स्टाफ के साथ बार-बार अभद्र एवं अनुशासनहीन व्यवहार किया जा रहा है। उनके इस प्रकार के व्यवहार से पॉलीक्लिनिक का कार्य वातावरण प्रभावित हो रहा है तथा स्टाफ के मनोबल पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
हाल ही में सूबेदार मेजर बलबीर सिंह OPD Referral के माध्यम से जयपुर उपचार हेतु गए थे। वहां चिकित्सक द्वारा उन्हें पांच दिवस की दवाइयां लिखी गई थीं। उन्होंने पॉलीक्लिनिक से आवश्यक NA प्राप्त किए बिना जयपुर से ही दवाइयां खरीद लीं तथा वापस आकर पॉलीक्लिनिक में उक्त दवाइयों के भुगतान की मांग करने लगे। तत्काल भुगतान नहीं होने पर उन्होंने पॉलीक्लिनिक के स्टाफ के साथ गाली-गलौज एवं अभद्र व्यवहार किया तथा कार्यस्थल का वातावरण खराब किया।
दिनांक 10 अगस्त को सूबेदार मेजर बलबीर सिंह द्वारा तीन विशेषज्ञों के Referral बनवाए गए। इसके अतिरिक्त उनके द्वारा ऐसी ब्रांडेड दवाइयों की मांग की गई जो निर्धारित ECHS SOP/प्रचलित व्यवस्था के अनुसार जारी किए जाने की श्रेणी में नहीं आती हैं। स्टाफ द्वारा उन्हें नियमों एवं प्रक्रिया की जानकारी देकर समझाने का प्रयास किया गया, किंतु उन्होंने कथित रूप से गाली-गलौज एवं धमकीपूर्ण व्यवहार जारी रखा।
यह भी देखा गया है कि जब भी सूबेदार मेजर बलबीर सिंह पॉलीक्लिनिक आते हैं, वे किसी न किसी विषय को लेकर विवाद उत्पन्न करते हैं तथा स्टाफ के साथ अनुचित व्यवहार करते हैं। OIC द्वारा व्यक्तिगत रूप से उन्हें कई बार समझाया गया है तथा ECHS के नियमों एवं SOP का पालन करने के लिए कहा गया है, परंतु इसके बावजूद उनके व्यवहार में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है।
उनके द्वारा अपने Subedar Major पद/रैंक का हवाला देते हुए स्टाफ पर अनुचित दबाव बनाने का प्रयास किया जाता है। इस प्रकार का व्यवहार न केवल अनुशासन के विरुद्ध है, बल्कि इससे पॉलीक्लिनिक में कार्यरत कर्मचारियों का मनोबल भी प्रभावित होता है।
उपरोक्त घटनाओं को देखते हुए यह आवश्यक प्रतीत होता है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए तथा उपलब्ध CCTV फुटेज, संबंधित स्टाफ के बयान एवं अन्य अभिलेखों के आधार पर तथ्यों का सत्यापन किया जाए। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो सूबेदार मेजर बलबीर सिंह के विरुद्ध लागू नियमों के अंतर्गत उचित प्रशासनिक/अनुशासनात्मक एवं आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
साथ ही, भविष्य में पॉलीक्लिनिक के स्टाफ के साथ किसी भी प्रकार की गाली-गलौज, धमकी, अभद्रता अथवा कार्य में अनुचित हस्तक्षेप को स्वीकार न किए जाने के संबंध में उन्हें स्पष्ट रूप से चेतावनी दिया जाना उचित होगा।
यह कार्रवाई किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण नहीं, बल्कि ECHS पॉलीक्लिनिक में अनुशासन, मर्यादा, सुचारु कार्यप्रणाली तथा स्टाफ की सुरक्षा एवं मनोबल बनाए रखने के उद्देश्य से किया जाना आवश्यक है।
अतः प्रकरण पर सक्षम प्राधिकारी द्वारा उचित कार्रवाई किए जाने की अनुशंसा की जाती है।

अतः अनुरोध है कि प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराते हुए उपलब्ध CCTV फुटेज, संबंधित स्टाफ के बयान एवं अन्य अभिलेखों के आधार पर तथ्यों का सत्यापन कराया जाए। यदि आरोप सत्य पाए जाते हैं तो लागू नियमों के अंतर्गत उचित प्रशासनिक/अनुशासनात्मक एवं आवश्यक होने पर कानूनी कार्रवाई की जाए।
भविष्य में पॉलीक्लिनिक स्टाफ के साथ गाली-गलौज, धमकी, अभद्रता अथवा कार्य में अनुचित हस्तक्षेप की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए उन्हें उचित चेतावनी/निर्देश जारी किया जाना भी उचित होगा।
यह कार्रवाई किसी व्यक्तिगत विवाद के कारण नहीं, बल्कि पॉलीक्लिनिक में अनुशासन, मर्यादा, सुचारु कार्यप्रणाली तथा स्टाफ के सम्मान एवं मनोबल को बनाए रखने के उद्देश्य से आवश्यक है।

भवदीय,
OIC
ECHS Polyclinic Bharatpur

प्रतिलिपि:
ADM Comdt, Stn HQ Bharatpur — सूचनार्थ।
OIC, ECHS Cell, Stn HQ Bharatpur — आवश्यक कार्रवाई हेतु।

The important information  shared regarding ECHS is useful to every Ex  serviceman and their family.
09/08/2026

The important information shared regarding ECHS is useful to every Ex serviceman and their family.

04/08/2026

जेएनयू के अर्बन नक्सली छात्र-छात्राओं को और विदेशी चंदे पर उपद्रव करने वाले उपद्रवियों को माफ कर दिया।

माननीय प्रधानमंत्री जी ,
आप ने उपद्रवी छात्रों को जिन्होंने आपको और आपकी मां को गाली दिया माफ कर दिया अच्छी बात है।

यहां पर बात यह है कि जिन छात्रों ने देश के चुने हुए प्रधानमंत्री को गाली दी है। कल वहीं छात्र देश के संवैधानिक पदों पर बैठे व्यक्तियों राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ,सुप्रीम कोर्ट के जजों, चुनाव आयुक्त , सेना और पुलिस के अफसरों को गाली देंगे क्योंकि यह बच्चे जेएनयू ऑल इंडिया स्टूडेंट फेडरेशन के थे।

जिन्हें आप बच्चे कह रहे हैं वह अर्बन नक्सली हैं और उनके मां-बाप उनके समर्थक हैं ।आपने माफ करके कार्रवाई न करने का आश्वासन दिया।
इस से देश का नुकसान होगा । यही बच्चे बड़े होकर देश का बड़ा नुकसान करेंगे।
जिन लोगों ने पुलिस को मारा क्यों कि उन्होंने संसद में घुसने से रोका था । आपने उनकी भावनाओं को भी ध्यान में रखना था । सिर्फ अपने अपने बारे में सोचा और माफ कर दिया ।
आप ने आंदोलन का एक और नया रास्ता खोल दिया। शांतिपूर्ण प्रदर्शन होता है तो ठीक है अगर वहां पर हिंसा होने लगे तो सख्त कार्रवाई होना बहुत जरूरी है लेकिन आपने ऐसा करने से रोक दिया । भविष्य में ऐसा होता है तो सख्त कार्रवाई कराये।

कितना भी अच्छा काम कर लो जनता सरकारों को बदलता ही रहती है लेकिन उनके लिए हुए फैसले इतिहास बन जाते हैं।

टीवी चैनल ज़ी न्यूज़ के सुधीर चौधरी को सुनिए कृपया अपने बच्चों को समझाइए गलत संगत में ना फंस जाए नहीं तो भविष्य खराब हो ...
30/07/2026

टीवी चैनल ज़ी न्यूज़ के सुधीर चौधरी को सुनिए कृपया अपने बच्चों को समझाइए गलत संगत में ना फंस जाए नहीं तो भविष्य खराब हो जाएगा इसीलिए मैं यह वीडियो डाल रहा हूं।

Viral Today, Regret Tomorrow? The Hidden Price of Online FameDeco...

कॉकरोच समर्थकों के ऊपर जो कार्रवाई हो रही है वह बहुत ही उचित है। उदंड बालको को सही करना जरूरी है।
30/07/2026

कॉकरोच समर्थकों के ऊपर जो कार्रवाई हो रही है वह बहुत ही उचित है। उदंड बालको को सही करना जरूरी है।

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30/07/2026

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