जाट योद्धाओं का इतिहास

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13/04/2025

आप सब को अंतराष्ट्रीय जाट दिवस की बधाई ! गर्व कीजिए जाट होने पर क्योंकि-

- हमारा ज़िक्र #शिवजी ने पार्वती से किया है और पौराणिक मान्यता के अनुसार शिवजी की जटाओं से हमारी उत्पत्ति हुई है !

-हमारा ज़िक्र #महाभारत में है...राजसूय यज्ञ जीतने के बाद युधिष्ठिर को ‘ज्येष्ठ’ की उपाधि दी और आगे चलकर इनके वंशजों को ‘जाट’ कहा !

-हमारा ज़िक्र #रामायण में है...किष्किन्धा कांड में जाटों के ‘जटापुर’ शहर का उल्लेख है !

- हमारा ज़िक्र महर्षि दयानंद सरस्वती ने #सत्यार्थ_प्रकाश में ‘जाट देवता’ कहकर किया और लिखा-“जाट देवता यानि देने वाला है !”

-हमारा ज़िक्र #पाणिनि ने अष्टाध्यायी में ‘जट झट संघाते’ (यानि जाट जल्दी से संघ बनाते हैं!) कहकर किया है !

- हमारा ज़िक्र #महर्षि_यास्क ने निरुक्त में ‘जागर्ति इति जाट्यम’ (यानि जो जागरूक हैं,वो जाट हैं ) कहकर किया है !

-जीवविज्ञानियों ने हमारा ज़िक्र हमारे जीन और डीएनए के अध्ययन के आधार पर #सिन्धु_नदी_घाटी_सभ्यता के जनकों के रूप में किया है !

- हमारा ज़िक्र इतिहासकारों और मानवशास्त्रियों ने ‘धार्मिक पाखंडों और अंधविश्वासों से दूर रहने वाले मेहनती और बहादुर #वैदिक_आर्य’ कहकर किया है !

- हमारा ज़िक्र #कर्नलजेम्स_टाड ने ‘ अंग्रेजों से भी नहीं हारने वाली स्वाभिमानी क़ौम’ कहकर किया है !

- हमारा ज़िक्र स्वतंत्रता सेनानी और बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के संस्थापक महामना ोहन_मालवीय ने “जाट भारत की रीढ़” कहकर किया है !

- हमने भारत से #सिकन्दर वापस लौटाये हैं और स्वयं सिकन्दर ने जाटों से मात खाने के बाद अपनी सेना से कहा था-‘इन ख़तरनाक जाटों से बचो !’

-हम #दिल्ली_दरबार की न्याय सलटाते थे...दिल्ली बादशाह बलबन के बेटों के बीच 19 घोड़ों का बँटवारा मुज्जफरनगर के सौरम गाँव की सर्वखाप पंचायत के चौधरी रामसहाय ने करवाया था...तभी बलवन के दरबारी अमीर खुसरो ने लिखा था-‘अनपढ़ जाट पढ़ा जैसा-पढ़ा जाट खुदा जैसा !”

-हिंदुस्तान में सिर्फ़ एक ही क़िला ऐसा है,जिसे ना अंग्रेज जीत पाये,ना मुग़ल...भरतपुर का #अजेय_लौहगढ़...वो हमारे ही पुरखों का है ! सुना होगा-
“हुई मसल मशहूर जग में,आठ फ़िरंगी-नौ गोरे !
लड़े क़िले की दीवारों पर,खड़े जाट के दो छोरे !”

-न्याय का प्रतीक ‘ #पंचायत’ शब्द हमारे पुरखों की देन है...हर जाटों के गाँव में पाँच श्रेष्ठ लोगों की सभा ‘पंचायत’ आदि काल से होती थी...खाप पंचायत आज भी अस्तित्व में है !

-हम बहादुर ऐसे कि कहावत है-‘बिन जाटा किसने पानीपत जीते’ ...‘जाट नै मरया जद जाणिये,जब उसकी तेरहँवी होले !”...और ‘एक जाट,जाट-दौ जाट,मौज़...तीन जाट,कम्पनी-चार जाट,फ़ौज !’

आप सभी को अंतराष्ट्रीय जाट दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं। गर्व से कहो हम जाट है ।


✍️✍️..... चौधरी नवीन सहरावत मेरी भोली कौम जाट

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