02/08/2026
हम क्यों बंटें, जब हमारी विरासत हमें जोड़ती है?
आजकल समाज में यह चर्चा चल रही है कि हम रोड़ हैं या मराठा। इतिहास की अलग-अलग व्याख्याएँ और मत हो सकते हैं, लेकिन क्या इस विषय पर आपस में मतभेद और विवाद करना उचित है?
यदि हम सभी अपने पूर्वजों के शौर्य, स्वाभिमान और क्षत्रिय परंपरा पर गर्व करते हैं, तो फिर हमें एक-दूसरे से लड़ने की आवश्यकता क्यों है?
हमारा उद्देश्य यह होना चाहिए कि हम अपने समाज को शिक्षा, संस्कार, संगठन और भाईचारे के माध्यम से आगे बढ़ाएँ, न कि आपसी बहसों में ऊर्जा व्यर्थ करें।
इतिहास का सम्मान करें, एक-दूसरे की भावनाओं का सम्मान करें, और समाज की एकता को सबसे ऊपर रखें।
एकता में शक्ति है, विभाजन में नहीं।
जय भारत।
जय क्षत्रिय समाज।
Se Seekho